बरेली के फतेहगंज पश्चिमी इलाके के मीरापुर गांव के 18 वर्षीय अंकुश शर्मा ने गुरुवार सुबह आत्महत्या की कोशिश की। समय रहते परिजन ने देख लिया और उसे फंदे से उतारकर निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। हालत गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
परसाखेड़ा की एक फैक्टरी असिस्टेंट ऑपरेटर अंकुश शर्मा के पिता रवि शर्मा ने बताया कि अंकुश सीबीगंज स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज से जीटीआई कर रहा था। इसके
साथ ही सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। बुधवार शाम अंकुश गांव में भंडारे में गया था। वहां एक दोस्त से फोन पर बात करते हुए उसने कहा कि अब तुम्हारा एक दोस्त कम हो जाएगा।
गुरुवार सुबह करीब आठ बजे जब परिवार के लोग अपने कार्यों में व्यस्त थे तो अंकुश कमरे में फंदे से लटक गया। इसी बीच अंकुश का छोटा भाई विनीत कमरे में पहुंचा तो भाई को फंदे पर लटका देखकर शोर मचा दिया। इस पर सभी लोग कमरे की ओर दौड़े और फंदा काटकर अंकुश को नीचे उतारा। वे लोग उसे क्षेत्र के ही निजी मेडिकल कॉलेज में लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू कर दिया है।
दो दिन से छोड़ दिया था खाना
परिवार वालों ने बताया कि पिछले दो दिन से अंकुश काफी उदास रहने लगा था। वह ठीक से खाना भी नहीं खा रहा था और न ही किसी से ज्यादा बात कर रहा था। उन लोगों ने समझाने का भी प्रयास किया लेकिन वह शांत ही रहा और फिर खुदकुशी की कोशिश कर डाली।