बरेली। पिछले साल संक्रामक रोगों ने स्वास्थ्य महकमे की नींद उड़ा दी थी। फेल्सीफेरम से ही 120 लोगों की मौत हो गई थी। जिले से संक्रामक रोगों से पीड़ित लोगों की सही जानकारी देने के लिए जिला अस्पताल में कंट्रोल रूम बनाया गया, जो अब ठप पड़ा है। इसमें नियुक्त कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। एक अन्य विभाग की महिला कर्मचारी यहां बैठती हैं, जो फोन आने पर अक्सर यही कहती हैं कि उसका विभाग से कोई लेना देना नहीं। वहीं अधिकारियों ने भी कंट्रोल रूम की तरफ ध्यान नहीं दे रखा है।
पिछले साल संक्रामक रोगों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला अस्पताल में कंट्रोल रूम बनाया गया। इसमें क्यारा ब्लॉक के अजय और भोजीपुरा में तैनात आकाश को यहां नियुक्त किया गया। पिछले दिनों दोनों को उनके ब्लॉक में वापस कर दिया गया। उसके बाद क्यारा के सौरभ की ड्यूटी लगाई। हालांकि उसे भी दूसरी जगह भेज दिया गया। अब कंट्रोल रूम खाली पड़ा रहता है, जबकि पिछले साल ही कंट्रोल रूम का 42 हजार रुपये का फोन बिल चुकाया गया था। संक्रामक रोगों के संबंधित यहां फोन तो आते हैं, लेकिन यहां जानकारी देने वाला कोई नहीं, जबकि अधिकारी संक्रामक रोगों से निपटने के लिए मजबूत तैयारियों के दावे कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार का कहना है कि कंट्रोल रूम में अगर कोई कर्मचारी नहीं है तो उसे तत्काल नियुक्त कराया जाएगा।