कई वर्षों तक चली कार्यवाही के बाद शाहजहांपुर जिले की सीमा में स्थित 1700 हेक्टेयर जंगल पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शामिल कर दिया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद शाहजहांपुर के जंगल को टाइगर रिजर्व की दियोरिया और हरीपुर रेंज के अधीन किया गया है। इससे टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बढ़ोत्तरी हो गई है।
पीलीभीत की सीमा से सटे शाहजहांपुर जिले के 94 गांवों को वर्ष 2001 में शासन ने पीलीभीत में शामिल कर दिया था। मगर जंगल, मंडी सहित कुछ विभाग शाहजहांपुर के ही आधीन रहे। इसे लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप भी शुरू हो गया था, लेकिन मामला ठंडा पड़ा रहा। इधर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) घोषित होने के बाद इस मामले की दोबारा उठाया गया।
पीटीआर प्रशासन ने इस मामले में शासन स्तर पर पत्राचार किया। लंबे समय बाद शासन स्तर से इसे मंजूरी दे गई। इसके बाद शाहजहांपुर वन प्रभाग और पीटीआर की ओर से कार्रवाई शुरू की गई। दोनों सीमाओं के अधिकारियों ने नियमित रूप से संयुक्त सीमांकन कर क्षेत्र स्पष्ट किया। इसके बाद 17 सौ हेक्टेयर जगंल पीटीआर को हस्तांतरित कर दिया गया।
यह क्षेत्र हुए शामिल
शासन से मंजूरी मिलने के बाद दोनों सीमाओं के वनाधिकारियों ने कार्रवाई तेज की। सप्ताह भर पूर्व खुटार रेंज की नवदिया बंकी बीट के 813 हेक्टेयर क्षेत्र को दियोरिया रेंज व नजीरगंज बीट के 923 हेक्टेयर क्षेत्र को हरीपुर रेंज के अधीन कर दिया गया है।