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घोटाले होंगे तो खुलेंगे भी.. अब नवाबगंज में राशन की हेराफेरी का वीडियो वायरल

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नवाबगंज/बरेली। रिठौरा राशन घोटाले को प्रशासन की ओर से कागजी कार्रवाई में दफन कर दिए जाने का ही नतीजा है कि गरीबों का राशन अब भी धड़ल्ले से माफिया के गोदामों में पहुंच रहा है। नवाबगंज में एक वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर सरकारी एजेंसियों के कर्मचारियों और माफिया की साठगांठ सामने आ गई है। वीडियो में ट्रकों में लोड सरकारी राशन की बोरियों को माफिया के गोदाम में ले जाते और वहां उन्हें खाली कर दूसरी बोरियों में अनाज भरते लोग दिख रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद फौरन इसकी सूचना सप्लाई इंस्पेक्टर तक पहुंची, लेकिन फिर भी कोई एक्शन नहीं लिया गया। वर्ना शायद मौके पर ही सरकारी राशन पकड़ा जाता।
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वायरल हुए वीडियो में हाईवे पर खड़े सरकारी खाद्यान्न की बोरियों से भरे ट्रक से माफिया के लोग तेजी से बोरियां उतारकर अपने गोदाम में ले जाते दिखाई दे रहे हैं। माफिया के गोदाम के अंदर का भी दृश्य वीडियो में हैं जहां माफिया के लोग हाथ के हाथ 50 किलो वाली सरकारी बोरियां खाली कर उनका राशन 60 किलो वाले दूसरे बोरों में भर रहे हैं ताकि यह पहचान न की जा सके कि यह सरकारी राशन है। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके के सप्लाई इंस्पेक्टर पशुपति नाथ के साथ लोगों ने इसकी सूचना विभागीय उच्चाधिकारियों को भी दी लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा छाया रहा।
बता दें कि पूरनपुर और पीलीभीत के सरकारी गोदामों से राशन लेकर तमाम गाड़ियां नवाबगंज से गुजरती हैं। माफिया इन गाड़ियों से सरकारी राशन उतार लेते हैं। अक्सर यह सब हाईवे पर दिनदहाडे़ होता है। बरेली पीलीभीत हाईवे पर गरगइया गांव के पास बुधवार को पीलीभीत की ओर से आए ट्रकों से माफिया ने अपने साथियों की मदद से राशन उतारकर गोदाम में रख लिया। गोदाम में राशन की पलटी करने के लिए मजदूर पहले से ही तैयार थे। वहां मौजूद किसी ग्रामीण ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
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हर दिन लाखों रुपये के वारे न्यारे
सूत्रों के मुताबिक हाईवे रोजाना माफिया लाखों के राशन की हेराफेरी करते हैं। इस गोरखधंधे में प्रशासन, खाद्य विभाग, एफसीआई, एसडब्लूसी सिस्टम शामिल रहता है। वाहन चालकों का भी एक बड़ा नेटवर्क काम करता है। तीन महीने पहले भी पूरनपुर से आया सरकारी राशन इसी हाईवे पर बदला गया था। इसमें बदायूं के मूसाझाग के पूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें ट्रक चालक के साथ माफिया को भी जेल भेजा गया था।

पूरे मंडल में गरीबों के पेट पर डाका
सूत्रों के मुताबिक मंडल भर राशन माफिया गरीबों का हक छीनने में लगे हैं। प्रशासन और सरकारी एजेंसियाें की साठगांठ से गरीबों का राशन रास्ते में ही निजी गोदामों में चला जाता है। खेल में शामिल लोगों की हर स्तर पर जुगाड़ है। बताया जाता है कि खराब गेहूं भी इस दौरान बदल दिया जाता है। बुधवार को वीडियो वायरल होने से एक बार फिर सारी सच्चाई सामने आ गई लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नही दिया। अमर उजाला के पूछने पर जरूर डीएसओ और एसडीएम ने जांच कराने की बात कही है।

सरकारी राशन की हेराफेरी और कालाबाजारी करने के मामले में जांच होगी। जांच टीम में राजस्व, पुलिस और आपूर्ति विभाग के अफसर भी शामिल हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
-एसडीएम अमरेश कुमार

भुता गोदाम का प्रभारी सौमित्र अब भी बरेली में
सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था पर प्रशासनिक कमजोरी के चलते पर माफिया पूरी तरह हावी होते जा रहे हैं। क्योंकि रिठौरा समेत किसी भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई तक नहीं हुई है। काफी फजीहत के बाद रिपोर्ट हुई तो राशन माफिया कोर्ट से स्टे ले आए और भुता गोदाम प्रभारी सौमित्र पाल सिंह पीलीभीत ट्रांसफर होने पर भी बरेली में ही काम रहा है। हालांकि प्रशासन और विभाग इसे पर लगातार भ्रामक जानकारी देते रहे। ऐसे दर्जनों मामले सामने आए लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मंडल में बदस्तूर राशन माफिया हावी हैं।

रसुइया गोदाम से खराब चावल सप्लाई
फरीदपुर स्थित सरकारी गोदामों से खराब अनाज वितरित किया जा रहा है। आपत्ति करने पर एफसीआई अफसरों ने अनदेखी कर दी है। मामला डीएम तक पहुंचा तो खलबली मची हुई है।
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