डेढ़ साल बाद भी एनआईसी की वेबसाइट पर टैक्स जमा करने की सुविधा शुरू न हो पाने से नगर आयुक्त और एनआईसी के अफसरों में ठन गई है। नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने एनआईसी से टैक्स का काम वापस लेकर यूपी डेस्को को सौंप दिया है। नये सॉफ्टवेयर पर डाटा फीड होने तक फिलहाल टैक्स का सारा काम चौपट है और लोग परेशान हो रहे हैं, इसकी वजह से 30 सितंबर तक टैक्स जमा करने को लेकर मिलने वाली छूट का लाभ मिलना मुश्किल हो गया है।
नगर निगम का चक्कर लगाने से पब्लिक को राहत मिल सके इसके लिए एनआईसी द्वारा विकसित प्रॉपर्टी टैक्स सॉफ्टवेयर का संचालन किया गया था, लेकिन डेढ़ साल में एनआईसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन टैक्स जमा नहीं हो सका। राजस्व प्रभावित होने और पब्लिक की परेशानी की बात प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह तक पहुंची। 17 सितंबर को लखनऊ एक मीटिंग में भी यह बात उठी। इसमें एनआईसी से जुड़े बरेली, इलाहाबाद, सहारनपुर, आगरा और मुरादाबाद आदि शहरों के नगर आयुक्तों ने अपनी समस्याएं रखी थीं। प्रमुख सचिव ने जो भी नगर क्षेत्र एनआईसी से जुड़े हैं, उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स सॉफ्टवेयर की वैकल्पिक व्यवस्था कर टैक्स जमा करने को कहा है। नगर आयुक्त राजेश श्रीवास्तव ने 17 सितंबर को ही करीब सवा लाख प्रॉपर्टी कर दाताओं का डाटा एनआईसी से वापस ले लिया। टैक्स का काम यूपी डेस्को को दे दिया है। फिलहाल बिल नहीं बनने से टैक्स जमा होने का काम बंद है।
छूट का लाभ मुश्किल, निराश लौट रहे लोग
नगर निगम 30 सितंबर तक टैक्स जमा करने वालों को दस प्रतिशत छूट देता है। इसके चलते टैक्स नगर निगम में टैक्स जमा करने वालों की लाइन लगी है। मगर सिस्टम चौपट होने की वजह से बिल ही नहीं बन पा रहे हैं और लोग निराश लौट रहे हैं। इससे न सिर्फ लोग छूट का लाभ पाने से वंचित रह जाएंगे, नगर निगम का राजस्व भी कम रह जाएगा।
टैक्स का काम एनआईसी से वापस लेकर यूपी डेस्को को दे दिया गया है। निगम और यूपी डेस्को की टीम काम कर रही है। सप्ताह भर में टैक्स जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। - राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त