एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की पांच मार्च से शुरू हो रहीं मुख्य परीक्षाओं में भी यूपी बोर्ड परीक्षा की तरह सख्ती रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार को हुई पांच जिलों के कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक में इस बाबत दिशा-निर्देश जारी किए। परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट कहा कि इस बार शासन परीक्षाओं को लेकर सख्त है इसलिए प्राचार्य अपनी जिम्मेदारी समझें और नकलविहीन परीक्षाएं कराने में सहयोग करें। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही की तो फिर कार्रवाई का सामना करने के लिए भी तैयार रहें।
गुरुवार को बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं और रामपुर के कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर एके सरकार की अध्यक्षता में परीक्षा नियंत्रक महेशक कुमार ने बैठक की। इसका उद्देश्य था कि कॉलेज अपनी समस्याएं बताएं और परीक्षा को लेकर शासन से प्राप्त निर्देशों से उन्हें अवगत कराया जाए। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि परीक्षा की शुचिता भंग होने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश हैं, नकविहीन परीक्षा कराने में प्राचार्य पूरा सहयोग दें। गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस बार सीसीटीवी कैमरों से परीक्षा की निगरानी होगी। ऑनलाइन मानीटरिंग के लिए विश्वविद्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। प्राचार्यों ने आश्वासन दिया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। शुक्रवार को मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा और संभल जिले के प्राचार्यों को बुलाया गया है।
प्राचार्य बोले, बहुत दूर बना दिया है उनका केंद्र
बैठक में प्राचार्यों ने अपनी समस्याएं भी उठाईं। कई कॉलेजों की शिकायतें थीं कि उनका परीक्षा केंद्र काफी दूर बना दिया गया है। इससे छात्रों को दिक्कत होंगी। उनका केंद्र पास के कॉलेज में बनाया जाए। कुछ कॉलेजों की शिकायत थी कि उनके यहां ज्यादा छात्रों की परीक्षा डाल दी गई है। पर्याप्त संसाधन न होने के कारण परीक्षा संचालन में दिक्कत आएगी। परीक्षा नियंत्रक ने सभी के प्रत्यावेदन ले लिए हैं। उनका कहना है कि इतने कम समय में जितना संभव होगा समस्याएं दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के शिक्षकों को भी सचल दल में शामिल किया जाए
कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने सचल दल में उनके यहां के शिक्षकों को भी शामिल करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि जब सेल्फ फाइनेंस कॉलेज के शिक्षक परीक्षाएं करा सकते हैं तो उनको सचल दल में शामिल क्यों नहीं किया जा सकता? इस पर परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि मुद्दा परीक्षा समिति में रखा जाएगा। इसके बाद ही इस पर कोई निर्णय हो सकेगा।