बुधवार को अभियान के तहत हुए कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष शीतल गुप्ता ने कहा कि यह हम सब लोग जानते हैं कि जल ही जीवन है लेकिन आज के हालात को देखें तो बहुत कम लोग ऐसे हैं, जो जल संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। खासकर महिलाएं अगर जल संरक्षण के प्रति नहीं जागी तो एक दिन वो आएगा, जिस दिन लोगों को जल की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ेगा। जल को अब बर्बाद नहीं करना है। महिलाओं को जल बचाना होगा।
प्रधानाचार्य सरोज शर्मा ने कहा कि लगातार गिरता जा रहा जल स्तर बड़ी समस्या है। जल स्तर गिरने से ऐसे नहीं रोका जा सकता। इसके लिए महिलाओं को आगे आना होगा। उन्हें जल संरक्षण के उचित उपाय भी करने होंगे। साथ ही लोगों को समझाना होगा और उन्हें जल बचाने को प्रेरित करना होगा। इस दौरान यशवीर सिंह, नवतोष शर्मा, राम शर्मा, संजय गुप्ता, शिव कुमार, सचिन वाल्मीकि, सर्वेश, नेहा, प्रवेश शर्मा, सुमन, मायावती, हरदेवी, विनीता देवी आदि मौजूद रहीं।
बेवजह पानी न बहाएं, जल बचाएं
अगर महिलाओं ने पीने वाले पानी को फालतू बहाना बंद कर दिया, तो कम से कम कुछ तो बचत होगी। अगर हम जल नहीं बचाएंगे तो फिर जल बचाने के लिए कौन आगे आएगा।
लोगों को जागरूक करना होगा
हमने गांव देहात में देखा है कि लोग बेवजह नालियों में पानी बहाते रहते हैं। जैसे उन्हें कोई फिक्र ही नहीं है। इस तरह हम लोग पानी बर्बाद करते रहेंगे तो जल संकट खत्म नहीं होगा। इसके लिए हम सबको जागरूक होना पड़ेगा।
फालतू जल बहाने वालों पर हो कार्रवाई
गांव में अक्सर लोगों में नाली के पानी को लेकर विवाद होता है। इसके बावजूद लोग नाली में फालतू पानी बहाना बंद नहीं करते। ऐसे ही सड़क पर पानी छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जल सरंक्षण को उचित तरीका अपनाए सरकार
जल बचाने के लिए सरकार को उचित तरीका अपनाना होगा। बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों में वॉटर हार्वेस्टिंग जरूरी किया जाए। तालाबों को खुदवाया जाए। जहां से जल बहता है, वहां तालाब बनवाएं जाएं या फिर बड़े-बड़े गड्ढे बनवाए जाएं।