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बादल और बूंदाबांदी के आसार, झमाझम बारिश के लिए अभी करना होगा इंतजार

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बरेली। हरे-भरे पेड़ काटने और जंगल उजाड़कर बस्तियां बसाने का असर प्री-मानसून बारिश पर पड़ा है। बीते वर्षों में अप्रैल, मई और जून में सामान्य तौर पर हर महीने 50 एमएम से 200 एमएम तक बारिश हो जाती थी। फिर मानसून के आते ही झमाझम बारिश का नजारा देखने को मिलता था। इस बार जून के तीसरे हफ्ते तक आसमान में कई बार काली घटाएं आकर ललचा गईं। उमस भी हुई, लेकिन प्री- मानसून बारिश न के बराबर हुई। इस सप्ताह भी धूल भरी तेज हवा और आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी होने के आसार तो बन रहे हैं, लेकिन झमाझम बारिश के लिए अभी कम से कम दो से तीन सप्ताह तक इंतजार करना होगा।
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मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक 20 एमएम से भी कम प्री-मानसून बारिश हुई है, जो सामान्य से 180 एमएम कम है। ऐसा नहीं है कि जून में आसमान में काली घटाएं नहीं छाईं या बादल नहीं बने। लेकिन वह बड़ी बारिश में तब्दील नहीं हुए। मानसून आने से पहले बार-बार उठने वाला पश्चिमी विभोभ भी जलवायु परिवर्तन की वजह से वजह से बेअसर हो गया।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा के अनुसार अमूमन मानसून आने से पहले प्रारंभिक तीन महीने अप्रैल, मई और जून में 200 एमएम या उससे ज्यादा प्री-मानसून बारिश होती थी। फिर आद्रता बढ़ने से उमस पड़ती थी, जो मानसून आते ही झमाझम बारिश में तब्दील हो जाती थी। मगर, इस बार प्री-मानसून बारिश सामान्य से 80 फीसदी तक कम होने से उमस में भी कमी है। इसलिए प्री-मानसून बारिश अब बहुत ज्यादा होने की उम्मीद नहीं है। हां, बादल जरूर बनेंगे। हवा चलेगी। थोड़ी बहुत बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन हरियाली कम होने से आसमान में छाए बादल झमाझम बारिश में तब्दील नहीं होंगे। डॉ. कुशवाहा का कहना है कि मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचेगा।
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24 जून को बदलेगा हवा का रुख
मौसम वैज्ञानिक डॉॅ. कुशवाहा की मानें तो 22 और 23 जून को बादल छाए रहेंगे। गर्मी और उमस बढ़ेगी। मगर, बारिश की संभावना न के बराबर है। 24 जून को हवा का रुख बदलेगा। इस दिन धूल भरी आंधी चल सकती है। बूंदाबांदी या हल्की मध्यम बारिश होेने के आसार हैं। इसके बाद 30 जून तक आसमान में बादल दिखेंगे। सूर्य कभी पूरी रौ में दिखेंगे तो कभी बादलों की आड़ में छुपे नजर आएंगे। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.0 डिग्री सेल्सियस अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.0 डिग्री सेल्सियस कम था। आद्रता अभी 60 प्रतिशत पर है। दिन में उमस का धीरे-धीरे बढ़ना इस महीने के अंत तक बारिश की उम्मीद जगाए हुए है।
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