बरेली। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। ये हाल तब है, जब शासन से भेजे गए जिले के प्रभारी अधिकारी पी. गुरु प्रसाद इस समय यहीं हैं। शुक्रवार को जब प्रभारी अधिकारी ने जिला अस्पताल का जायजा लिया तो तमाम खामियां मिलीं। किसी मरीज को पूरी दवा नहीं मिली थी तो किसी मरीज को ऐसी दवाएं लिख दी गईं, जो अस्पताल में है ही नहीं। एक मरीज से तो सौ रुपये लेकर 67 रुपये की रसीद थमा दी गई। इस दौरान बाहर की दवाएं लिखने और इलाज में लापरवाही के भी आरोप लगे। प्रभारी अधिकारी ने तत्काल व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
सुबह साढ़े नौ बजे जिला अस्पताल पहुंचते ही पी. गुरु प्रसाद ने सबसे पहले बच्चा वार्ड देखा। एक मरीज ने शिकायत की कि उसने एक दिन पहले ब्लड चढ़वाने के लिए 100 रुपये दिए थे। जिसमें 67 रुपये की रसीद मिली। बाकी पैसे न तो वापस किए और न ही रसीद दी। प्रभारी अधिकारी ने सीएमओ से नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल रुपये वापस कराने के निर्देश दिए। साथ ही हिदायत दी कि अगर निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त शुल्क लिया गया तो कार्रवाई होगी। मरीज रुकसाना ने बताया कि वह दो दिन पहले डाक्टर द्वारा लिखी दवा लेने को काउंटर पर गई तो पूरी दवा नहीं दी गई। कैलशियम टेबलेट मांगने पर भी नहीं मिली। इनका ये भी कहना था कि पर्चे पर लिखी कुछ जांचे भी जिला अस्पताल में नहीं की गईं, बाहर करानी पड़ीं। जिसमें 1300 रुपये खर्च हुए। प्रभारी अधिकारी जब दवा वितरण कक्ष में पहुंचे तो पाया कि जो दवाएं स्टॉक में है ही नहीं, डाक्टर वो भी पर्चे में लिख रहे हैं। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि जो दवा और जांच लिखी जाए, वो अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद वो जिला महिला अस्पताल पहुंचे और नवजात शिशु वार्ड, कंगारू मदर केयर यूनिट,, एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया।
शासन से मांगे रेडिएंट वार्मर
एसएनसीयू वार्ड में पहुंचने पर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने उन्हें बताया कि उनके पास चार रेडिएंट वार्मर हैं। यह वार्ड 12 बेड का है। शासन से और रेडिएंट वार्मर की मांग की गई है, लेकिन मिल नहीं सके हैं। इस दौरान प्रभारी अधिकारी ने महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अलका शर्मा और सीएमओ डा. विनीत शुक्ल को अस्पतालों की सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उसके बाद उन्होंने खुर्रम गौटिया स्थित 300 बेड वाले निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक सतेंद्र कुमार ने नक्शा और मॉडल आदि के माध्यम से अस्पताल की पूरी स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल बन कर लगभग तैयार है। प्रभारी अधिकारी ने निर्माण की गति पर असंतोष जताते हुए परियोजना प्रबंधक को शीघ्र कार्य कंपलीट कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर उनके साथ जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।