बरेली। जिस जिले में फैल्सीपैरम मलेरिया से पिछले साल करीब ढाई सौ लोगों की जान चली गई थी, वहां इस बार मलेरिया की रोकथाम के नाम पर मजाक किया गया है। वह भी तब जब इस बार भी जिले की एक तिहाई आबादी को मलेरिया प्रभावित माना गया है। प्रभावित इलाकों के लिए जिले के मलेरिया विभाग ने शासन को सात लाख लांगलास्टिक इनसेक्टिस्साइड्स नेट्स यानी विशेष मच्छरदानियों की डिमांड भेजी थी लेकिन इसकी एवज में शासन से सिर्फ 485 मच्छरदानियां ही भेजकर मलेरिया की रोकथाम करने का निर्देश दिया गया है। शासन ने प्रभावित गांवों में डीडीटी के छिड़काव का भी आदेश दिया है, लेकिन यह काम भी अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
मलेरिया का सीजन 15 जून से 15 अक्टूबर तक रहता है। जाहिर है कि रोकथाम के उपाय इससे पहले ही होने चाहिए थे लेकिन योजना अब जाकर कागजों पर आई है, अमल कब शुरू होगा और होगा भी या नहीं, यह किसी को पता नहीं है। बता दें कि जिले के मझगवां, भमौरा, रामनगर, फरीदपुर और क्यारा ब्लाक में फैंसीपेरम मलेरिया व मलेरिया का प्रकोप पहले भी रहा है और अब भी इन ब्लाकों में सबसे अधिक केस मिल रहे हैं। इसे के चलते जिले के इन सभी पांच विकास खंडों को अति संवेदनशील घोषित कर मलेरिया विभाग वहां खून की जांच से लेकर डीडीटी छिड़काव आदि का काम कर रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह ने बताया कि जिले के मलेरिया प्रभावित क्षेत्र में मच्छरदानी वितरण के लिए सात लाख मच्छरदानी की डिमांड भेजी गई थी, लेकिन शासन से सिर्फ 485 स्पेशल मच्छरदानी ही मिल सकी है।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर अब हर जिले के सर्वाधिक दो गांवों को इसके लिए पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया जाना है। इसके तहत जिले के ब्लाक मझगवां के लोहारी और भमौरा के मलगवां गांव को चुना गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि जिले में मलेरिया के प्रभावित इलाके को देख वितरण को मिली मच्छरदानियों की संख्या काफी कम है। एक परिवार को दो मच्छरदानी दी जानी है। मच्छरदानी की कम संख्या को देखते हुए सबसे पहले जनवरी से अब तक जिले में मिले फैल्सीपेरम के मरीजों के 132 परिवार में दो-दो स्पेशल मच्छर दी जाएंगी।
आपकी मच्छरदानी बनेगी इनसेक्टिस्साइड्स नेट
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि विभाग को मिली मच्छरदानियों की संख्या काफी कम है। लिहाजा शासन ने साधारण मच्छरदानियों को डेल्टा मैथरिन कीटनाशक के .02 प्रतिशत से तैयार पानी में डुबोकर उन्हें भी इनसेक्टिस्साइड्स नेट्स बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की इस दी गई मच्छरदानी को तैयार कीटनाशक में डुबोने के बाद उसे छाया में सुखाया जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि कीटनाशक युक्त इस मच्छरदानी पर जैसे ही मच्छर बैठेगा वैसे ही कीटनाशक उसके शरीर में पहुंच जाएगा। इससे उसके शरीर में मौजूद पैरासाइट्स निष्क्रिय हो जाएगा। तंत्रिकातंत्र भी धीरे-धीरे काम करना बंद कर देंगे और तीन-चार दिन के भीतर मच्छर की मौत हो जाएगी।
मलेरिया पीड़ित दो लड़कियां जिला अस्पताल में भर्ती
बरेली। जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालत में सुधार न होने पर दो लड़कियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीबीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सराय तलफी निवासी नंदराम की पुत्री लक्ष्मी (20) और आंवला निवासी अच्छन खां की पुत्री सोनी (17) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। परिवार वालों ने बताया कि उनका निजी चिकित्सकों के यहां इलाज चल रहा था। हालत अधिक नाजुक होने पर दोनों को यहां जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में मलेरिया की पुष्टि होने के बाद दोनों को मलेरिया वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। सीएमएस डॉ. केएच गौतम ने बताया कि दोनों लड़कियों की हालत खतरे से बाहर है। ब्यूरो