बरेली। सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम ने डीआईओएस को निर्देश दिए हैं कि वह स्कूल वाहनों के संचालन को लेकर कमेटी बनाएं, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में कोई लापरवाही न हो।
कलक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि वर्ष 2016 में 1054 दुर्घटनाएं हुईं, इसमें 475 लोगों की मृत्यु हुई। वर्ष 2017 में 1121 हादसों में 467, वर्ष 2018 में 1150 दुर्घटनाओं में 484 और वर्ष 2019 में अब तक 528 दुर्घटनाओं में 234 लोगों की मौत हो चुकी है। इस पर पर डीएम ने एआरटीओ और एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए कि 17 से 22 जून 2019 तक चलने वाले सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूक किया जाए। डीएम ने पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां पर सड़कें टूटी हुई हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए।
एआरटीओ ने बताया कि ज्यादातर घटनाएं ओवर स्पीड की वजह से हो रही हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि स्कूल वाहनों के संबंध में कमेटी गठित की जाए और सड़क सुरक्षा सप्ताह में बच्चों को भी जागरूक किया जाए। बैठक में एआरटीओ और एसपी ट्रैफिक को निर्देशित किया गया कि जहां पर ज्यादा केस होते हैं, ऐसे स्थानों को चिह्नित करते हुए सड़क सुरक्षा के अंतर्गत अभियान चलाया जाए। स्कूली वाहन खड़े करने के लिए एक नोडल अधिकारी को भी जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक स्पीड और तीन सवारियां लेकर चलने वाले बाइक चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। इस मौके पर प्रशासन, आरटीओ के साथ दूसरे कई विभागों के भी अधिकारी मौजूद रहे।