हावड़ा देहरादून दून एक्सप्रेस 14 से 19 जून
कोलकाता जम्मूतवी सियालदह एक्सप्रेस 14 से 18 जून
किशनगंज अजमेर गरीबनवाज एक्सप्रेस 14 से 16 जून
सियालदह आनंद विहार एक्सप्रेस 14 से 28 जून
मालदा टाउन से आनंद विहार फरक्का एक्सप्रेस 16 से 29 जून
बरौनी अंबाला हरिहरनाथ एक्सप्रेस 17 से एक जुलाई
बरेली रूट से चलेगी ट्रेनें
फैजाबाद एक्सप्रेस लखनऊ से टर्मिनेट
शहीद एक्सप्रेस लखनऊ-सुल्तानपुर
जलियांवाला एक्सप्रेस प्रतापगढ़ वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। एक जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे। अब सैलानी पहाड़ और अन्य जगहों से वापस होने लगे हैं। ऐसे में रेलवे को वॉशेबल एप्रेन बनाने की सुध आई है। भीषण गर्मी में रेलवे के इस निर्णय से यात्रियों की मुसीबत और बढ़ गई है। उन्हें वापसी के लिए गिनीचुनी ट्रेनें ही बची हैं।
वैष्णो देवी गए श्रद्धालुओं के लिए रोजाना की ट्रेनों में केवल कोलकाता-जम्मूतवी सियालदह एक्सप्रेस ही है। ऐसे में श्रद्धालुओं ने लौटना शुरू किया तो रेलवे ने ट्रेन ही रद्द कर दी। हालांकि जम्मू के लिए कामाख्या, गाजीपुर सुपरफास्ट, हमसफर, कानपुर जम्मू सुपरफास्ट, अर्चना, अमरनाथ, लोहित, भागलपुर एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, यह सभी ट्रेनें साप्ताहिक हैं। यात्रियों का मानना है कि साप्ताहिक ट्रेनें निश्चित दिनों की यात्रा अवधि के लिए मुफीद नहीं होतीं, इसलिए बाहर जाने का प्लान बनाने वाले यात्री रोजाना की ट्रेनों में ही आरक्षण लेने की कोशिश करते हैं।
देहरादून के लिए उपासना, देहरादून, जनता एक्सप्रेस और राप्तीगंगा एक्सप्रेस हैं। उपासना सप्ताह में एक दिन और राप्ती गंगा सप्ताह में तीन दिन संचालित होती है। यात्रियों की सबसे लोकप्रिय ट्रेन हावड़ा देहरादून दून एक्सप्रेस है, जिसमें अक्सर नो रूम की स्थिति रहती है। ट्रेन पांच दिन के लिए रद्द होने से यात्रियों का लोड रोजाना की ट्रेन वाराणसी देहरादून जनता एक्सप्रेस पर आ गया है। यही स्थिति कमोवेश पंजाब जाने वाली ट्रेनों की भी है।