बरेली। स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर 14 जून को अमर उजाला फाउंडेशन व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अमर उजाला कार्यालय परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। प्रात: 8:30 बजे से शुरू होने वाले इस शिविर की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
रक्त की कमी से किसी की जिंदगी न जाए अमर उजाला फाउंडेशन इसी उद्देश्य के साथ पिछले कई वर्षों से देश भर में रक्तदान शिविर आयोजित कराता आ रहा है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। इसे हमेशा से ही अच्छा माना गया है। इस दान से लोगों की जिंदगी बचती है, लेकिन आमतौर पर कुछ लोग अभी भी यह मानते हैं कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। जबकि ऐसा होता नहीं है। आपको बता दें रक्तदान से शरीर को नुकसान नहीं बल्कि कई फायदे होते हैं। मानसिक संतुष्टि भी मिलती है। ब्लड बैंक प्रभारी डा. यूबी सिंह ने बताया कि 18 से 65 साल के बीच न्यूनतम 45 किग्रा का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। रक्तदाता को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। लैब टेक्नीशियन ज्योति सचान ने बताया कि रक्तदान करने वालों के ब्लड ग्रुप के साथ खून की अन्य जांच भी मुफ्त की जाएगी। काउंसलर शिव कुमार ने बताया कि रक्तदान के बाद होने वाले खून की जांच में एचआईवी, एचवीएसएजी, एचसीबी, वीडीआरएल और मलेरिया का भी पता चलता है। इसकी रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही रक्त सुरक्षित रखा जाता है। पॉजिटीव मिलने पर रक्तदान करने वालों को बीमारी के बारे में बताया जाता है।
रक्तदान के फायदे
. शरीर में खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है।
. रक्तदान पूर्व की जांच से शरीर की स्थिति का पता चलता है।
. रक्तदान के बाद खून की कमी 24 घंटे मेें पूरी हो जाती है।
. एक यूनिट खून से एक यूनिट प्लाज्मा, एक यूनिट प्लेटलेट्स, एक यूनिट आरबीसी और एक यूनिट क्रायो मिलता है। जिससेे अलग-अलग चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।
. रक्तदाता तीन माह बाद फिर रक्तदान कर सकता है।
. रक्तदान से हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर और कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है।
रक्तदान से पहले यह रखे ध्यान
. खाली पेट रक्तदान न करें। पर्याप्त पेय पदार्थ अल्पाहार जरूर लें।
. रक्तदान के आधे घंटे पहले तंबाकू या सिगरेट का सेवन न करें।