फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2012 दंगा प्रकरण- पुलिस फिर नहीं दे सकी फायरिंग के आदेश का प्रमाण

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। वर्ष 2012 में श्यामगंज में दो समुदाय के बीच हुए दंगे के दौरान फायरिंग की गई थी, लेकिन पुलिस अब तक तत्कालीन एडीएम सिटी के फायरिंग संबंधी आदेश का प्रमाण नहीं दे सकी है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी। इस मामले की जांच कर रहे एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने एसएसपी को नोटिस देते हुए एडीएम सिटी के आर्डर की प्रमाणित कापी देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

22 जुलाई 2012 को श्यामगंज में दो समुदाय के बीच पथराव, आगजनी और फायरिंग के साथ ही एक पेट्रोलपंप पर तोड़फोड़ की घटना हुई थी। इस मामले में 23 अगस्त 2017 को बारादरी थाने के प्रभारी निरीक्षक ने यह रिपोर्ट दी थी कि घटना के समय भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग के आदेश तत्कालीन अपर जिलाधिकारी नगर ओपी राय ने दिए थे। पुलिस के दावे के बावजूद जांच अधिकारी एडीएम वित्त को अब तक इसके प्रमाण नहीं मिल सके हैं। हाल में एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने एसएसपी को यह नोटिस दिया है कि इस मामले में तत्कालीन एडीएम सिटी ने फायरिंग का आदेश दिया था, उसकी प्रमाणित छाया प्रति अब तक नहीं मिली है। जांच अधिकारी का कहना है कि फायरिंग के आर्डर की कापी न मिल पाने से जांच पूरी करने में देरी हो रही है। एडीएम वित्त ने बताया कि इस संबंध में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को भी सूचना भेज दी गई है। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें