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आयुष्मान को ‘अल्पजीवी’ बना रहे अस्पतालों को नोटिस

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बरेली। आर्थिक तंगी से इलाज के अभाव में किसी गरीब के घर का ‘चिराग’ न बुझे इसलिए केंद्र सरकार ने आयुष्मान योजना संचालित की है। लेकिन निजी अस्पताल केंद्र सरकार की इस योजना का पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे। पिछले साल आयुष्मान योजना में पंजीकृत होने के बाद भी अब तक कई निजी अस्पतालों में योजना के तहत एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ। डीसीपी (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर) ने ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही, संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
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आयुष्मान योजना का संचालन होते हुए साल भर गुजरने वाला है। अब तक मेजर नर्सिंग होम, नीरज लाइफ केयर एंड स्टोन सेंटर, पूर्णा नेत्रालय, सरन हॉस्पिटल, वैदिक हॉस्पिटल में एक भी मरीज को आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिला है। पिछले दिनों अस्पतालों से आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हुए मरीजों का डाटा मांगा गया तो यह चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। मामले पर नाराजगी जताते हुए आयुष्मान योजना के डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर ने सभी अस्पतालों को नोटिस जारी कर आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इलाज करने की हिदायत दी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में आयुष्मान योजना के तहत 89 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इसमें महज छह अस्पतालों में अब तक एक भी मरीज को योजना का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बाद भुगतान में देरी होने की आशंका के चलते योजना के तहत पंजीकृत मरीजों को सुविधा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे अस्पताल भी हैं, जो आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हो गए हैं। ये अस्पताल महीने में महज एक मरीज को योजना के तहत इलाज मुहैया कराकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। ऐसे अस्पतालों को भी चिह्नित कर डीसीपी ने नोटिस जारी किया है।

निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत एक भी मरीज का इलाज न किए जाने पर नोटिस जारी किया गया है। साथ ही, माह में एक या दो मरीजों का इलाज कर खानापूर्ति कर रहे अस्पतालों को भी नोटिस जारी की जाएगी। - डॉ. अनुराग, डीसीपी, आयुष्मान योजना
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