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साथी पार्षद की मौत के कारण नहीं दिया धरना, बंद कराया निगम

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बरेली। साथी पार्षद का निधन होने के कारण भाजपा पार्षदों ने बृहस्पतिवार को नगर निगम में धरना देने के बजाय कार्यालय बंद कराने शुरू कर दिए। इसको लेकर कुछ कर्मचारियों ने विरोध करते हुए फोटो खींचने शुरू किए तो पार्षदों से विवाद हो गया और फिर हंगामा भी हुआ। इस दौरान एक पार्षद ने निगम कर्मचारी से गाली-गलौज भी किया।
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पार्षद विनोद सैनी पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर आक्रोशित भाजपा पार्षदों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बृहस्पतिवार को वार्ड सात, वीरभट्टी की पार्षद सुषमा द्विवेदी के निधन के चलते धरना स्थगित कर दिया गया। पूर्वाह्न करीब 11 बजे पार्षदों ने शोकसभा की। मगर नगर निगम के सारे कार्यालय खुले थे। इससे गुस्साए पार्षदों ने नगर निगम को बंद कराने का निर्णय किया। उनका कहना था कि जब कर्मचारी की मौत पर निगम बंद होता है तो पार्षद की मौत पर क्यों नहीं बंद किया गया। इसके बाद अवनेश कुमार, मुकेश सिंघल, प्रेमचंद, रूपकिशोर, सीताराम, विनोद सैनी, अशोक गंगवार समेत तमाम पार्षदों ने निगम कार्यालयों को बंद कराना शुरू कर दिया। केंद्रीय कार्यालय बंद कराने के दौरान निगम का एक कर्मचारी मोबाइल से फोटो खींचने लगा तो पार्षद ने विरोध किया। आरोप है कि इस पर पार्षद ने गाली-गलौज भी किया और मोबाइल से फोटो डिलीट करा दिए। वहीं, निगम के कर्मचारी का कहना था कि हमें कार्यालय बंद करने का कोई आदेश नहीं मिला है। इस पर वहां खासा हंगामा भी हुआ। पार्षदों ने सारे कार्यालय बंद करा दिए। पार्षदों का कहना था कि धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहेगा।

शोक में एक बजे बंद होता है निगम
निगम कर्मचारियों के मुताबिक उनके किसी साथी की मौत होने पर दोपहर एक बजे नगर निगम बंद होता है। मगर पार्षद की मौत के कारण उनके साथी पार्षद दिन में 11 बजे ही कार्यालय बंद कराने लगे। जिससे कर्मचारी आक्रोशित हो उठे। उनका कहना था जब कर्मचारी के निधन पर एक बजे निगम बंद होता है तो पार्षद के लिए भी वही नियम लागू होना चाहिए।
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