बरेली/बहेड़ी। भाजपा के नेता इधर पुलिस के आला अफसरों से ईद के बाद इंस्पेक्टर बहेड़ी को हटाने का वादा लेकर लौटे, उधर इंस्पेक्टर बहेड़ी ने ऐन ईद के ही दिन गांव नरायन नगला के पास छापा मारकर किच्छा नदी में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन की परतें उधेड़ दीं। दो पोकलेन मशीनों के साथ खनन करने वालों का तमाम साजोसामान भी कब्जे में लिया। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान न किसी को गिरफ्तार किया न ही लिखापढ़ी में कोई नाम खोला, लेकिन उन्हें हटाने की मांग कर रहे भाजपा नेताओं पर जबर्दस्त दबाव जरूर बना दिया है। पुलिस का कहना है कि किच्छा नदी में यह खनन एक माननीय का भतीजा करा रहा है। इंस्पेक्टर बहेड़ी और भाजपा नेताओं के बीच चल रहे शह-मात के इस खेल में अब माना जा रहा है कि इंस्पेक्टर बहेड़ी का स्थानांतरण आदेश आते ही अवैध खनन के इस मामले में कई ऐसे नाम खुल सकते हैं जिनके भाजपा नेताओं के गले की फांस बन जाने की आशंका है।
अवैध खनन का धंधा पूरे जिले में उससे भी ज्यादा बड़े पैमाने पर चल रहा है जितना सपा शासन में चलता था। पुलिस और प्रशासन के अफसरों का रुख इस पर नरम होने की वजह से अब नौबत यह है कि भाजपा नेता और पुलिस के बीच भी टकराव होने लगा है। बहेड़ी में ऐसे ही टकराव की शुरुआत पांच जून को तब हुई जब उझानी के एक ठेकेदार संदीप गुप्ता की ओर से भाजपा नेता मोहन सिंह समेत कई भाजपाइयों के खिलाफ खनन के बदले एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने और उनके लोगों से मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। ठेकेदार की रिपोर्ट दर्ज करते ही विधायक छत्रपाल सिंह और भाजपा नेताओं का कोप इंस्पेक्टर बहेड़ी धनंजय सिंह पर टूट पड़ा। खुद विधायक ने इंस्पेक्टर के खिलाफ बदसलूकी के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा नेताओं के दबाव में आए अफसरों ने भी मंगलवार को आश्वासन दे दिया था कि ईद के बाद इंस्पेक्टर धनंजय सिंह को बहेड़ी से हटा दिया जाएगा। मगर इंस्पेक्टर ने ईद के दिन ही नया दांव चल दिया।
बुधवार सुबह ईद की नमाज अदा होते ही इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने पुलिस कर्मियों के साथ बैठक की। तय योजना के तहत थाने के एक सिपाही को सादे कपड़ों में नरायन नगला के पास किच्छा नदी किनारे भेजा गया। सिपाही ने नदी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन होते देख पुलिस टीम को इशारा कर दिया। पुलिस को आते देख अत्याधुनिक मशीनों के जरिये नदी से रेत निकाल रहे मजदूर भाग निकले। बताते हैं कि पुलिस ने भी उन्हें पकड़ने की कोशिश नहीं की। नदी से रेत का डंपर में भरा जा रहा था, उसे भी लेकर उसका ड्राइवर फरार हो गया। मौके पर नदी से रेत बाहर लाने वाली दो पोकलेन मशीनों को कब्जे में लेकर पुलिस ने सीज कर दिया। मौके पर मौजूद दो अन्य लोगों ने बताया कि अवैध खनन कराने वाला बरेली का एक व्यक्ति है। इंस्पेक्टर ने फोन पर उस व्यक्ति से बात की तो उसने अवैध खनन में एक माननीय के भतीजे का हाथ बताया।
नेताजी अब समझ लेना..
पोकमेन मशीनों के मालिक के जरिये
जब जी चाहे नाम खोल देगी पुलिस
गांव नरायन नगला में मारे गए छापे में पुलिस ने किसी को गिरफ्तार तो नहीं किया, लेकिन पोकमेन मशीनों को कब्जे में लेने के साथ इतने भर सबूत जुटा लिए कि जब जी चाहे यहां अवैध खनन कराने वालों के नाम अपनी लिखापढ़ी में खोल देगी। यह पुलिस कह भी चुकी है कि यहां अवैध खनन कराने में एक माननीय के भतीजे का हाथ है। दरअसल इंस्पेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोलने वालों को भी यह उम्मीद नहीं थी कि पुलिस उन पर उल्टा दांव चल देगी। बता दें कि इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने फिलहाल थाना बहेड़ी में एक अज्ञात के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, खान एवं खनिज अधिनियम व मोटरयान अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
नदी में 50 फुट तक गहरे गड्ढे
नरायन नगला गांव खतरे में
बड़े पैमाने पर अवैध खनन पकड़े जाने की सूचना पर तहसीलदार राजेश कुमार भी पहुंच गए। उन्होंने देखा तो खनन करने वालों ने नदी के अंदर 40-50 फुट तक गहरे गड्ढे कर दिए थे। तहसीलदार के अनुसार नदी में मशीनों से रेत निकालने की परमीशन किसी को नही दी गई। तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। बता दें कि इससे पहले नरायन नगला गांव के लोग कई बार अवैध खनन की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन न पुलिस ने उनकी शिकायत पर ध्यान दिया न प्रशासन ने। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध तरीके से किए गए खदान से नदी इतनी गहरी हो चुकी है कि बरसात में आसपास के गांव नरायन नगला, मोहम्मदपुर, पुराना लोधीपुर, रजपुरा को तहस नहस कर सकती है।