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सीएम ने जांच बैठाई तो बरेली जोन में खुला बिजली स्टोर का घोटाला

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बरेली। योगी सरकार ने सूबे के लोगों को 24 घंटे बिजली देने के लिए नेटवर्क में सुधार के लिए अरबों रुपये का बजट दिया लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर गोलमाल हो गया। बरेली जोन में ही सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला सामने आया है। बिजली विभाग के स्टोर से इतनी कीमत का सामान गायब पाया गया है, यह अलग बात है कि बिजली विभाग के अफसर गायब हुए सामान को सूचीबद्ध कर अब तक शासन को रिपोर्ट नहीं भेज पाए हैं। इसके बजाय घोटाले को दबाने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।
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केंद्रीय मदद से करीब पांच सालों से प्रदेश में बिजली सप्लाई का नेटवर्क सुदृढ़ करने का काम चल रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्रामीण विद्युतीकरण निगम, पॉवर फाइनेंस कारपोरेशन आदि कुछ विभागों को सौंपी गई है। केंद्र सरकार की ओर से घोषित सौभाग्य योजना के काम भी इसी योजना में शामिल किए गए थे जिसके तहत ग्रामीणों इलाकों में शत-प्रतिशत घरों में बिजली के कनेक्शन दिए जाने थे। ये काम निजी फर्मों को सौंपा गया था और पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को इसका नोडल अफसर बनाया गया था। इनमें से ज्यादातर अफसरों ने इन फर्मों से सांठगांठ कर इस योजना का करोड़ों का सामान इधर-उधर कर दिया। तमाम इलाकों में विद्युतीकरण कराने के बजाय कागजों पर खानापूरी कर दी गई।
कुछ समय पहले इस घोटाले की शिकायतें शासन में पहुंचीं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच शुरू करा दी। इसी बीच पनकी (कानपुर) में एसटीएफ ने बड़ी मात्रा में बिजली का सामान पकड़ा तो घोटाले की पुष्टि हो गई और और निजी फर्मों और विभागीय अफसरों का गंठजोड़ भी सामने आ गया। मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुई बरेली जोन में सौ करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत का सामान स्टोर से गायब होने का मामला सामने आया। हालांकि गायब हुए सामान का ब्योरा विभाग के अफसर भी नहीं दे पा रहे हैं। शाहजहांपुर स्टोर में हुई इस गड़बड़ी पर विभाग में हड़कंप जरूर मचा हुआ है। बिजली विभाग ने इस घपले आडिट भी कराया है, हालांकि अभी कोई रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी गई है।
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महंगी हाईटेंशन केबल में सबसे ज्यादा हेराफेरी
शाहजहांपुर के बिजली विभाग स्टोर से करीब सौ करोड़ रुपये का सामान गायब होने के बाद इस घोटाले पर लीपापोती भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा हेराफेरी हाईटेंशन केबल में हुई है। इस केबल की कीमत करीब 14 सौ रुपये प्रति मीटर होती है। अफसर अब तक इस घोटाले पर आपस में सिर्फ पत्राचार करने तक सीमित हैं। बताया जाता है कि मध्यांचल विद्युत वितरण मुख्यालय पर बैठे एक प्रभावशाली निदेशक की ओर से दागी अफसरों को बचाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है। बरेली जोन के कई दागी अभियंता और कर्मियों से इन निदेशक की नजदीकी भी बताई जा रही है।

बरेली जोन में गायब सामान होने की जानकारी सामने आई है, इसकी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि स्टोर से कितना सामान गायब हुआ है और कुल मिलाकर यह घोटाला कितना बड़ा है। - संजय गोयल, प्रबंध निदेशक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
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