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निगम में इन दिनों काम नहीं, चल रहा ‘काम तमाम’

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बरेली। शहरवासी गंदगी, जलभराव, कूड़ा निस्तारण जैसी तमाम समस्याओं से जूझ रहे हैं लेकिन नगर निगम में घमासान मचा है। अफसरों के लिए चुनौतियों से निपटने से ज्यादा इस विवाद में व्यस्त हैं। मेयर और नगर आयुक्त के विवाद में फंसकर नगर निगम के तमाम प्रोजेक्ट का भी ‘काम तमाम’ हो रहा है। हर दिन ही नगर निगम में कई समस्याएं पहुंच रही हैं लेकिन सब एक-दूसरे को घेरने में लगे हैं। कोई भी एक-दूसरे को नीचा दिखाने का मौका छोड़ने को तैयार नहीं है। अब नाला सफाई को लेकर घमासान मचा है। मेयर उमेश गौतम ने अपने आदेश को दरकिनार कर निजी एजेंसी के जरिये लगाए गए मजदूरों का भुगतान रोकने के आदेश देते हुए इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
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नगर आयुक्त के आदेश पर मजदूर लगाने पर फंसे प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
आचार संहिता से पहले नाला सफाई के लिए मेयर उमेश गौतम ने शहरी आजीविका मिशन से मजदूर लेने को मंजूरी दी थी। पहले तो यह प्रक्रिया लटकी रही फिर आचार संहिता लगी तो पिछले साल की दरों पर पुराने ठेकेदारों से ही करीब 400 मजदूर लगा लिए गए। जानकारी होने पर मेयर ने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव प्रधान से जवाब तलब किया तो उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त के आदेश पर मजदूर लिए गए। इस पर बुधवार को मेयर ने नाराजगी जताते हुए संजीव प्रधान को दोबारा पत्र लिखकर इसमें भ्रष्टाचार करने की बात कहते हुए भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूछा है कि पुरानी दरों पर ही लेने से थे तो मुझसे मंजूरी लेने की जरूरी क्या थी?

जल निगम ने एसटीपी का भूमिपूजन कराया, नगर आयुक्त को नहीं बुलाया
आचार संहिता से पहले सरायतल्फी में स्वीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का बृहस्पतिवार को मेयर उमेश गौतम ने भूमिपूजन किया। मगर इस आयोजन में नगर आयुक्त नजर नहीं आए। 88.09 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में शासन से 14.5 करोड़ रुपये की पहली किश्त मिल चुकी है। 18 महीने में इसका काम पूरा किया जाना है। इस दौरान मेयर उमेश गौतम ने कहा कि बरेली मंडल का यह एसटीपी प्लांट है। इसके लगने से नदियों में दूषित पानी जाना बंद होगा। भूमिपूजन के दौरान मौजूद जल निगम के अधीक्षण अभियंता नीरज कुमार, अधिशासी अभियंता संजय कुमार आदि मौजूद रहे। हालांकि नगर आयुक्त को न बुलाए जाने के बारे में जल निगम अफसरों ने कुछ भी कहने से इंकार किया जबकि पूर्व के कार्यक्रमों में नगर आयुक्त आते रहेे हैं। वहीं, नगर आयुक्त का कहना है कि उन्हें न तो बुलाया गया और न जल निगम के प्रोटोकॉल में उन्हें बुलाना शामिल है।
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बिना तालमेल कैसे बनेगा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और मल्टीलेवल पार्किंग
ईद के बाद नगर निगम की बोर्ड बैठक आयोजित की जाएगी। नगर आयुक्त इस बैठक में स्मार्ट सिटी के कुछ प्रोजेक्ट के लिए जमीन लेने के प्रस्ताव रखने जा रहे हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत नगर परिसर स्थित पार्क में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। उसके ऊपर और बेसमेंट में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव लगभग अंतिम प्रक्रिया में हैं। जमीन की मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखे जाएंगे। वहीं, दूसरी ओर मेयर से तालमेल न होने के चलते बोर्ड बैठक में इन प्रोजेक्ट को जमीन देने की संभावना भी कम ही नजर आ रही है।

राजनीति में फंसे यह काम
डोर-टू-डोर कूड़ा सफाई : नगर आयुक्त ने इसके लिए दस करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कराया था। मगर मेयर उमेश गौतम ने मुफ्त में काम होने की बात कहते हुए इसे मंजूरी देने से इंकार कर दिया। अब शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है।

नाला सफाई का चौथा चरण : नगर आयुक्त ने 1.40 करोड़ रुपये से नाला सफाई के टेंडर निकालने के लिए मेयर से अनुमति मांगी थी। मगर मेयर ने पूर्व में साफ किए नालों की पुष्टि पार्षदों से न कराने और शिकायतें मिलने की बात कहकर इनकार कर दिया।

सड़कों की सफाई बंद : पिछले साल शहर की दस सड़कें डोर-टू-डोर योजना की तर्ज पर सफाई को दी थीं। इनका ठेका खत्म हो गया तो नगर आयुक्त ने दोबारा ठेका के लिए टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य कर दी और सिक्योरिटी मनी की शर्त रख दी। इससे इन एजेंसियों ने काम बंद कर दिया।

कूड़ा निस्तारण : बाकरगंज में आठ कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए अमेजो वेस्ट कंपनी से करार हुआ था। कंपनी ने एक प्लांट लगाया तो नगर आयुक्त ने उससे निकलने वाले तेल पर सवाल खड़ा करते हुए सात अन्य प्लांट लगाने पर रोक लगा दी। एक लगा प्लांट भी ठीक से नहीं चल रहा है।

इन पर हो रही है राजनीति
सॉलिड वेस्ट प्लांट : रजऊ परसपुर में सॉलिड वेस्ट प्लांट मामले में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की तैयारी शुरू कर नगर आयुक्त ने मेयर की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। इन्वर्टिस की आपत्ति के बाद ही यह प्लांट बंद हुआ था।

पोर्टेबल शॉप : मेयर के ड्रीम प्रोजेक्ट पर नगर आयुक्त ने सवाल उठाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट से जांच कराई। इसके चलते जिला पंचायत रोड से पोर्टेबल शॉप की एक मार्केट भी हटानी पड़ी। पूरी प्रक्रिया अवैध बताते हुए इस मामले में शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।

कुष्ठ आश्रम : डीडीपुरम स्थित कुष्ठ आश्रम पर पिछले दिनों नगर आयुक्त ने टीम भेजकर उसके खेतों पर कब्जा ले लिया था। इस कार्रवाई का मेयर और उपसभापति समेत तमाम व्यापारी एवं सामाजिक संगठनों ने विरोध किया था।

हम 103 नालों की सफाई नगर निगम के संसाधनों से करा रहे हैं। आचार संहिता के चलते मेयर महोदय से अनुमति नहीं ले सकते थे इसलिए पुरानी दर पर पुरानी एजेंसियों से ही मजदूर ले लिए। मशीनें नगर निगम की लगाई हैं। अन्य प्रोजेक्ट पर भी मेरा कहना है कि मैं और मेयर साहब अलग नहीं हैं। मैं उनसे सहयोग की उम्मीद कर रहा हूं। डोर-टू-डोर का प्रस्ताव भी उन्होंने निरस्त नहीं किया, आगे बढ़ाने की बात कही थी।
- सैमुअल पॉल एन., नगर आयुक्त

पूरा शहर बदहाली से गुजर रहा है। सफाई व्यवस्था चौपट है, जगह-जगह जलभराव है। जब तक शहर के विकास के बारे में नहीं सोचा जाएगा, कुछ नहीं होगा। मैं जनता का निर्वाचित प्रतिनिधि हूं और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना मेरी जिम्मेदारी है। मेरे आदेश को दरकिनार कर एजेंसियों से मजदूर लिए तो भ्रष्टाचार ही तो है। निगम अफसरों को काम पर ध्यान देना चाहिए, न कि राजनीति करें।
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- उमेश गौतम, मेयर
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