बरेली। पीएम मोदी के कहने पर पब्लिक ने अपना वोट तो उनके नाम पर दे दिया लेकिन उनके सांसद के करीबियों की मनमानी से अब कौन बचाएगा, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। हालत यह है कि सत्ता में वापसी के बाद अभी शपथ ग्रहण तक नहीं हुई है लेकिन सांसद के करीबी लोगों ने हनक दिखानी शुरू कर दी है। सैदपुर हाकिंस में कब्जाई गई डेढ़ सौ वर्ग मीटर जमीन को पार्षद की शिकायत पर नगर निगम की टीम मुक्त कराने पहुंची तो भाजपा नेता ने उसे जमकर हड़का दिया। पार्टी के दूसरे नेताओं को भी बुला लिया। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की धौंस-धपट के आगे निगम टीम ने समर्पण कर दिया और नाम भर को अवैध कब्जा गिराने और बाकी पर नगर निगम की संपत्ति होने की घोषणा लिखकर लौट आई।
सैदपुर हाकिंस में गाटा नंबर 717 पर नगर निगम की एक हजार वर्ग मीटर जमीन है जिसमें से 150 मीटर के टुकड़े पर कब्जा करके एक सांसद के करीबी भाजपा नेता ने कई दुकानें और मकान बना लिया है। नगर निगम ने तो इसे अनदेखा कर दिया लेकिन इलाके के पार्षद दीपक सक्सेना ने जब बार-बार शिकायत करनी शुरू कर दी तो लोकसभा चुनाव निपटने के बाद शनिवार को आखिरकार नगर निगम की टीम यहां अवैध कब्जा हटाने पहुंची। मौके पर सड़क की ओर बनाई दीवार को निगम टीम ने तोड़ना शुरू किया तो भाजपा नेता ने निगम स्टाफ को हड़काते हुए काम रुकवा दिया। पार्षद दीपक सक्सेना ने विरोध किया तो जमकर हंगामा हुआ। कुछ और भाजपा नेताओं के पहुंचने के बाद निगम की टीम बैकफुट पर आ गई। जैसे-तैसे उसने सड़क की ओर बनी दीवार तोड़ी और अपनी जमीन पर लगाए गए गेट पर उसके निगम की संपत्ति होने की घोषणा लिखकर लौट गई।
सांसद जी! सुनिए ये पार्षद बहुत उड़ रहे हैं
नगर निगम की जमीन पर कब्जा करने वाले भाजपा नेता ने अपनी हनक दिखाने के लिए सांसद को फोन लगाकर अवैध कब्जे का विरोध कर रहे पार्षद दीपक सक्सेना से उनकी बात भी करा दी। सांसद ने पार्षद से पूरा मामला पूछा और फिर बगैर कोई हिदायत दिए फोन काट दिया। इस बीच कई भाजपा नेता भी अवैध कब्जे की हिमायत में पहुंच गए थे, लिहाजा सांसद के कुछ न कहने के बावजूद नगर निगम की टीम का हौसला पस्त हो गया। कब्जा हटाने के बजाय पब्लिक को दिखाने भर की कार्रवाई करके निगम टीम लौट गई। पार्षद दीपक सक्सेना ने बताया कि नगर निगम के पिछले बोर्ड में इस जमीन पर लाइब्रेरी बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। मौजूदा बोर्ड में उन्होंने यहां पर ओवरहेड टैंक बनाने का प्रस्ताव दिया है। मगर नगर निगम की लापरवाही से जमीन पर ही अवैध कब्जा हो गया।
हम तो बस देखने चले आए हैं
नगर निगम की जमीन कब्जाने वाले भाजपा नेता की मदद के लिए पहुंचे पार्टी के नेताओं ने जब यहां मीडिया के लोगों को फोटो खींचते देखा तो पीछे हट गए। बोले, हमारा इस मामले से कोई मतलब नहीं है, हम तो बस देखने चले आए हैं।
60 से 70 लाख है जमीन की कीमत
सांसद के करीबी ने यहां करीब 150 वर्गमीटर जमीन पर कब्जा कर रखा है। सर्किल रेट के मुताबिक मौजूदा समय में यहां जमीन की कीमत 40-45 हजार रुपये वर्ग मीटर है। इस तरह कब्जा की गई जमीन की कीमत साठ से सत्तर लाख के बीच बताई जा रही है।
सैदपुर हाकिंस में निगम की जमीन पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर रखा था। अतिक्रमण ध्वस्त करके उस पर नगर निगम की संपत्ति होने संबंधी नोट लिख दिया गया है। - ललतेश सक्सेना, राजस्व प्रभारी, नगर निगम