बरेली। लोकसभा चुनाव में जीत का गणित बनाने के लिए मैदान तो खुला था, लेकिन तमाम खेल पर्दे के पीछे भी चल रहे थे। पिछले दिनों गठबंधन प्रत्याशी को हराने का ऑडियो वायरल हुआ था। अब वोटों की सौदेबाजी को लेकर चर्चा है। कहा जा रहा है कि भोजीपुरा विधानसभा में दिग्गज सपा नेता ने डेढ़ करोड़ रुपये लेकर वोटों का सौदा कर दिया। पार्टी के नेताओं को भी इसकी जानकारी है। इसके चलते सब तनाव में है कि अखिलेश यादव पूछेंगे तो हैं ही.. डेढ़ करोड़ की डील का चक्कर क्या है। इसके चलते मामले को दबाए बैठे नेताओं को इसका जवाब नहीं सूझ रहा है।
पिछले दिनों भोजीपुरा विधानसभा के एक सपा नेता का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें सपा नेता कार्यकर्ता से भगवत सरन के पक्ष में वोट न पड़ने देने को लेकर बात कर रहे थे। यह मामला पार्टी नेतृत्व तक भी पहुंचा, लेकिन चुनाव के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मगर गठबंधन प्रत्याशी भगवत सरन की हार के बाद चर्चाओं का बाजार फिर गरम है। अब डेढ़ करोड़ की डील को लेकर भोजीपुरा में चर्चाएं चल रही हैं। कहा जा रहा है कि सपा के एक दिग्गज नेता ने दो प्रत्याशियों से डेढ़ करोड़ रुपये में मुस्लिम वोटों का सौदा कर दिया। पार्टी के नेताओं को भी इसकी जानकारी है और चर्चा शुरू होने के बाद पदाधिकारी तनाव में हैं कि इसके बारे में शीर्ष नेतृत्व को क्या जवाब देंगे? क्योंकि सबकुछ जानबूझकर वे लोग मामले को पूरी तरह से दबाकर बैठ गए और भगवत सरन को हार का मुंह देखना पड़ा।
चुनाव लड़ चुका ठेकेदार भी डील में शामिल
क्षेत्र में कहा जा रहा है कि एक मुस्लिम प्रत्याशी का पूरा फोकस मुस्लिम बहुल इलाकों पर ही था। तिलियापुर, सैदपुर, शीशगढ़, शाही, धौराटांडा, भूड़ा, सैदपुर चुन्नीलाल समेत मुस्लिमों के इलाकों में जोरदार प्रचार किया था। यह प्रत्याशी हर हाल में मुस्लिम वोटों को समेटने में लगा था। डील के चलते एक ठेकेदार भी उनके समर्थन में मुस्लिम मतदाताओं का ध्रुवीकरण कराने में जुटा था ताकि यह वोट भगवत सरन को न जाएं।