बिशारतगंज-रामगंगा रेलवे स्टेशन के बीच पुल संख्या नौ पर काम कर रहे की-मैन की शनिवार सुबह दिल्ली से लखनऊ की ओर जा रही कामाख्या एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे में की-मैन के शरीर के टुकड़े हो गए। हादसे के कारण बरेली से अलीगढ़ जा रही पैसेंजर करीब दो घंटे और दिल्ली से बरेली आ रही पैसेंजर डेढ़ घंटे खड़ी रही।
की-मैन हरिराम कश्यप (54) हर दिन की तरह रेलवे ट्रैक चेक करते हुए बिशारतगंज से रामगंगा की ओर जा रहे थे। वह पुल संख्या नौ से गुजर रहे थे, इसी बीच सुबह 9.30 बजे दिल्ली से लखनऊ की ओर जाने वाली कामाख्या एक्सप्रेस 9.35 बजे पुल पर पहुंची। पुल के पास मोड़ होने के कारण हरिराम ट्रेन नहीं देख सके और उन्हें पुल पर बचने का कोई मौका नहीं मिला। ट्रेन उन्हें रौंदते हुए गुजर गई। की-मैन के शरीर के टुकड़े हो गए। कामाख्या एक्सप्रेस के चालक ने रामगंगा स्टेशन पर हादसे की सूचना दी। रामगंगा से बिशारतगंज जानकारी दी गई। इसके बाद पीडब्लूआई आंवला ने मेमो भेजकर थाना पुलिस को सूचना दी। हादसे के बाद घटनास्थल पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों की भीड़ लग गई। की-मैन हरिराम भमोरा के गांव तजपुरा के रहने वाले थे। हादसे की सूचना पाकर परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। इस दौरान बरेली से अलीगढ़ जा रही पैसेंजर ट्रेन संख्या 54354 को रामगंगा में दो घंटे और दिल्ली से बरेली जा रही पैसेंजर ट्रेन संख्या 54078 को बिशारतगंज में डेढ़ घंटे तक रोके रखा गया।