चार महीने बाद बरेली में फिर में स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम सर्वे के लिए आएगी। इस बार नगर निगम के साथ शहर के लोगाें के पास साफ-सुथरा बनने का अच्छा मौका है। नगर निगम प्रशासन ने प्लान तैयार कर लिया है। सफाई के लिए टीम बना दी गई है। रोज सुबह और शाम को बाजाराें में सफाई हो रही है। कर्मचारियाें की हाजिरी पर भी नजर है।
पिछली बार बरेली को केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में 298वीं रैंक मिली थी, जबकि सबसे साफ शहर में इंदौर शामिल था। यूपी के अधिकतर जिले बेस्ट 50 रैंक से बाहर ही रहे। एक बार फिर यह स्वच्छता सर्वेक्षण हो रहा है। चार माह बाद टीम बरेली आएगी और बाजाराें के साथ मोहल्लों का दौरा करेगी। इसकी तैयारी के लिए निगम की ओर से मोहल्लों और बाजाराें में सफाई शुरू करा दी गई है। पिछली बार जहां 15 दिन पहले प्लान बनाया गया था, वहीं इस बार यह चार माह पहले से शुरू कर दिया गया है। सुबह और शाम सफाई हो रही है और कूड़ा उठाया जा रहा है। नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव का कहना है कि बरेली को अच्छी रैंक दिलाने के लिए ओडीएफ करने की कोशिश है। अभी तक 45 से अधिक वार्ड ओडीएफ घोषित हो चुके हैं, जल्द ही 80 वार्डोँ को भी खुले से शौच मुक्त करेंगे।