बरेली। कई मुकदमों के बाद गैंगस्टर में फंसे एलायंस बिल्डर्स के निदेशकों व अन्य पदाधिकारियों की 150 करोड़ की संपत्ति और चिह्नित की गई है। इसमें व्यावसायिक भवनों से लेकर फर्म के दफ्तर तक शामिल हैं। शनिवार को पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने इन संपत्तियों की पैमाइश और सर्वे किया। मूल्यांकन के बाद जल्दी ही इसे सील कर दिया जाएगा।
इज्जतनगर थाने के बिहारमान नगला में सीलिंग की जमीन को धोखाधड़ी कर खरीदने और बेचने के मामले में एलायंस बिल्डर्स के निदेशकों पर पहली कार्रवाई की गई थी। एक मुकदमा दर्ज होने के बाद कई और मुकदमे अलग-अलग थानों में दर्ज होते गए। बीडीए ने 13 नवंबर 2022 को इज्जतनगर थाने में हनी कुमार भाटिया समेत 17 लोगों पर रिपोर्ट कराई थी। विवेचना में एलायंस बिल्डर्स के एमडी अरविंदर सिंह बग्गा, निदेशक रमनदीप सिंह, अमनदीप व युवराज को भी इसमें नामजद किया गया था। कुछ दिन बाद कैंट थाने में रमनदीप, अमनदीप, अरविंदर सिंह, हनी भाटिया, सतवीर सिंह और युवराज सिंह के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई कर उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की गई।
महीने भर पहले एलायंस समूह की करीब 35 करोड़ की संपत्ति को प्रशासन सील कर कब्जे में ले चुका है। शनिवार को सीओ प्रथम श्वेता यादव, तहसीलदार सदर रामनयन सिंह और कैंट इंस्पेक्टर बलवीर सिंह मॉडल टाउन के सामने एलायंस बिल्डर्स के दफ्तर पहुंचे। वहां लेखपालों की टीम ने संपत्ति की नपत की। टीम ने महानगर कॉलोनी स्थित एलायंस के दूसरे दफ्तर, निर्माणाधीन होटल, बार और लॉन के साथ ही पेट्रोल पंप की पैमाइश व मूल्यांकन किया।
भूमाफिया घोषित हो चुके हैं आरोपी
एलायंस बिल्डर्स के डायरेक्टर रमनदीप, उसके भाई अमनदीप, हनी कुमार भाटिया, दलविंदर सिंह, सर्वेश, जुल्फिकार अहमद और सलीम अहमद को पिछले साल प्रशासन ने भूमाफिया घोषित किया था। इनके 144 बैनामों का सही रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा था। इनकी पड़ताल की गई तो पता लगा कि कई बैनामे रिश्तेदारों के नाम किए गए हैं।
वर्जन
एलायंस बिल्डर की करीब 35 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को सील किया जा चुका है। अब 150 करोड़ की संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसी भी जल्दी ही सील किया जाएगा। - राहुल भाटी, एसपी सिटी