छले साल की सांसद निधि में 3.44 करोड़ के काम स्वीकृत हो गए हैँ। सांसदों ने दो सौ से ज्यादा कामों के प्रस्ताव भेजे थे लेकिन पुराने कामों की प्रगति न दिखा पाने की वजह से नए साल में सांसद निधि का बजट नहीं आया। इस वजह से केवल 64 काम ही स्वीकृत किए गए। सड़क और शवदाह गृह बारातघर निर्माण को छोड़कर, सोलर लाइट और बिजली के ट्रांसफार्मर लगवाने के अधिकांश काम शुरू नहीं हो पाए हैं।
सांसद निधि विकास योजना में बरेली के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार और आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप की सांसद निधि से नेडा में तीन, आरईडी में 52 पीडब्ल्यूडी में तीन और बिजली में छह कामों के प्रस्ताव स्वीकृत हो गए। दोनों सांसदों ने अपनी निधि से सीसी मार्ग, शवदाह गृह, सोलर लाइट, बिजली ट्रांसफार्मर लगवाने के कामों के दो सौ से ज्यादा प्रस्ताव भेजे थे। इनमें लगभग एक तिहाई प्रस्ताव डीआरडीए से स्वीकृत हो गए। इन कामों के लिए 253.60 करोड़ की धनराशि भी जारी की जा चुकी है। सीसी मार्ग, शवदाह गृह, बारातघर निर्माण के काम शुरू नहीं हुए। सोलर लाइटें लग गई हैं। आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप के लोकसभा क्षेत्र का कुछ हिस्सा बदायूं में पड़ता है। इसलिए इनकी सांसद निधि के कुछ काम बदायूं डीआरडीए से स्वीकृत होते हैं। डीआरडीए से पुराने कामों की प्रगति न भेजे जाने की वजह से सांसद निधि का बजट देरी से मिल रहा है। दो साल पहले के काम भी अधूरे चल रहे हैं।
नोटबंदी और जीएसटी की वजह से काम नहीं हो पा रहे हैं। आरईएस और ब्लाक स्तर पर स्टाफ की भी कमी है। फिर भी अधूरे कामों की समीक्षा कर उनको पूरा कराया जाएगा। वीरेंद्र सिंह यादव, परियोजना निदेशक डीआरडीए