बरेली। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम का मॉडल अगर अपना लिया जाए तो नगर निगम को कमाई भी हो सकती है और सफाई व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है। इसको लेकर लखनऊ में प्रदेश भर के नगर निगम के अफसरों के साथ कार्यशाला आयोजित की गई। बरेली नगर निगम से पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने हिस्सा लिया।
अंबिकापुर का कूड़ा निस्तारण प्लान पूरे देश में सराहा जा रहा है। वहां इस योजना के तहत नगर निगम डोर-टू-डोर कूड़े का कलेक्शन कराकर यूजर चार्ज वसूलता है, जिससे निगम को आय होती है। इसके बाद महिलाओं का समूह वार्डों से रोजाना निकलने वाले इस कचरे को अलग-अलग एकत्र करता है। इसमें सूखे और गीले कचरे की छटाई की जाती है। कूड़े के ढेर से कबाड़ एवं ठोस कचरे की बिक्री की जाती है और गीले कचरे से जैविक खाद एवं गैस बनाकर सप्लाई की जाती है। इस पूरे काम में वहां महिलाओं के समूह को ही लगाया गया है। इससे उन्हें भी रोजगार मिला है और सफाई भी बेहतर हो रही है।