हम दो फकीरों का मिलन है मोरारी बापू का आना
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बरेली। संत मोरारी बापू यहां एमएलसी एवं शायर प्रोफेसर वसीम बरेलवी के फूटा दरवाजा स्थित निवास पर मिलने पहुंचे। वह यहां पुराने ताल्लुकात के बिना पर अखलाकी तौर पर आए थे। यहां लगभग एक से डेढ़ घंटा रुकने के दौरान दुनियादारी से हटकर अखलाक और इंसानियत के मौजूं पर वार्तालाप हुई।
संत मोरारी बापू के आने को लेकर प्रोफेसर वसीम बरेलवी का कहना है कि उनके घर पर बापू के आने का कोई खास मकसद नहीं, बस यूं कहें कि हम दो फकीरों का मिलना रहा। उन्होंने कहा कि मोरारी बापू एक बड़ी आत्मा हैं। इस देश की धरोहर हैं। वह कर्मयोगी हैं जो कहते हैं उसका जिंदगी में अमल भी है। प्यार मोहब्बत को फिजा में बिखेरने की कोशिश उनकी रहती है। वह हिंदुस्तान की साझा संस्कृति के प्रतीक हैं और इंसानियत के पहरेदार हैं। लोभ लालच से दूर सबके लिए उनके दिल में जगह है। बापू का उनके घर आना एक बड़ा मायने रखता है। इसमें प्यार मोहब्बत और सौहार्द का संदेश छुपा हुआ है। बापू ने भी वसीम बरेलवी के घर आने को लेकर कहा कि वह बरेली के फकीर के यहां आएं हैं।
वसीम बरेलवी ने बताया कि दरअसल दिल्ली के एक कार्यक्रम में उन्होंने मोरारी बापू से कहा था कि कभी बरेली आएं तो उनके घर भी आएं। तो उन्होंने वादा किया था कि आप के यहां जरूर आऊंगा। वह इन दिनों बरेली में कथा कार्यक्रम में आएं हुए हैं सो उन्होंने अपना वादा पूरा किया और वह आए। उनके आगमन पर यहां मौजूद तमाम लोग मिल कर बहुत खुश हुए।