बरेली। नवाबगंज विधायक केसर सिंह पर रिपोर्ट कराने के लिए पीडब्ल्यूडी डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लगातार पैरवी कर रहा है। गुरुवार को इंजीनियर एसएसपी से मिलने पहुंचे। वो नहीं मिले तो इंजीनियर लॉन में बैठकर इंतजार करते रहे।
संघ के जिलाध्यक्ष आलोक सिंह चौहान के साथ दोपहर बारह बजे डिप्लोमा इंजीनियर एसएसपी दफ्तर आए। एसएसपी नहीं मिले तो पदाधिकारी लॉन में बैठ गए। चौहान ने बताया कि तीन जनवरी को नवाबगंज बीजामऊ से मटकापुर मार्ग पर काम करा रहे जेई राकेश कुमार से नवाबगंज विधायक ने अपने सरकारी गार्ड व स्टाफ संग मिलकर मारपीट की थी।
इनोवा में डालकर उनके अपहरण की कोशिश की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। न तो गार्ड को निलंबित किया गया और न ही विधायक व अन्य हमलावरों पर रिपोर्ट की गई है। नाराजगी जताई कि अधिकारी जांच की बात कहकर टाल रहे हैं, ऐसे में काम करना मुश्किल हो जाएगा। जेई राजीव चतुर्वेदी ने कहा कि तमाम तकनीकी एजेंसियां निर्माण की जांच करती हैं तो विधायक किसी निर्माण को बिना जांच रिपोर्ट कैसे घटिया ठहरा सकते हैं। अगर निर्माण गलत भी है तो तकनीकी जांच कराकर जेई पर कार्रवाई कराएं, मारपीट की क्या औचित्य है?
संघ पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई कि एसएसपी बिना मिले चले गए। पीआरओ नवल मारवाह ने बताया कि तय समय के बाद दस मिनट इंतजार करके एसएसपी निकले थे। इन्हें शुक्रवार को फिर बुलाया है।
‘सड़क मानक के अनुरूप नहीं बन रही थी। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचकर देखा तो घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही थी। इस पर जेई से नाराजगी जताई। अधिकारियों को भी अवगत कराया था। कमिश्नर से मिलकर भी गुणवत्तापरक निर्माण कराने को कह चुके हैं। मारपीट के आरोप निराधार हैं।’
- केसर सिंह गंगवार, विधायक नवाबगंज