बरेली। बीएससी और एमएससी में इस बार करीब 70 फीसदी विद्यार्थी फेल हुए। पुनर्मूल्यांकन को लेकर विश्वविद्यालय में कई बार हंगामा भी हो चुका है। मूल्यांकन कितना सही हुआ आरटीआई के तहत देखी जा रहीं कॉपियों से उसकी पोल खुल रही है। कॉपी देखने के बाद सैकड़ों छात्रों ने मूल्यांकन सही से न होने की शिकायत विश्वविद्यालय से की। उनका कहना है कि परीक्षकों ने दस गुना तक कम अंक दिए। अब छात्र चैलेंज इवेल्यूशन का इंतजार कर रहे हैं।
चैलेंज इवेल्यूशन शुरू होने से पहले करीब दो हजार छात्रों ने आरटीआई के तहत कॉपी देखने का आवेदन किया है। इसमें सैकड़ों छात्र अपनी कॉपी देख भी चुके हैं। आरटीआई के तहत कॉपी देखने विश्वविद्यालय पहुंचे रामपुर के अरविंद का कहना था कि उन्होंने एमएससी बॉटनी की कॉपी देखी। कम से कम 26 अंक आने चाहिए थे, जबकि परीक्षक ने सिर्फ सात अंक दिए। दस नंबर के प्रश्न में सिर्फ एक नंबर दिया। वह मूल्यांकन को चैलेंज करेंगे। इसी तरह बीएससी केमिस्ट्री की कॉपी देखने आए भूपेंद्र का कहना था कि उनको महज 11 अंक मिले, जबकि उन्होंने ज्यादातर प्रश्न सही हल किए। कुछ प्रश्नों के उत्तर अधूरे छूट गए थे, लेकिन जितने हल किए थे वो सही थे। कॉपी चेक करा रहे कर्मचारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं हैं। कई प्रश्नों में अपेक्षाकृत बहुत कम अंक दिए गए हैं। कॉपी देखने के बाद छात्र गोपनीय विभाग पहुंचकर चैलेंज इवेल्यूशन की तिथि पूछ रहे हैं। उम्मीद है कि हजारों की संख्या में चैलेंज इवेल्यूशन के आवेदन होेंगे।
चैलेंज इवेल्यूशन के आवेदन में लग जाएंगे दस दिन
चैलेंज इवेल्यूशन के आवेदन शुरू होने में कम से कम दस दिन का वक्त लग जाएगा। इसके लिए अलग प्रोग्राम तैयार कराया जा रहा है। छात्रों के आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे और फीस भी इसी मोड से जमा होगी। सात अगस्त को कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। आवेदन की फीस दो हजार रुपये प्रति विषय रखी गई है।
थोड़ा बहुत अंतर निकल सकता है। फिलहाल, जल्द चैलेंज इवेल्यूशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जो छात्र मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं है वह अपनी कॉपी दोबारा चेक करा सकते हैं।
-प्रोफेसर एनएन पांडेय, परीक्षा नियंत्रक