पुलिस ने दफ्तर से पुलिस कलर के आईकार्ड, अन्य विभागों के कार्ड, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के नियुक्ति पत्र व आवेदन पत्र, बरेली व रुद्रपुर डीएम के नाम तीन लिफाफे, पैनड्राइव आदि सामान बरामद किया। पुलिस कलर की पट्टी पर डायरेक्टर लिखी कार भी सीज की गई है।
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इस नाम से खोल रखी थी दुकान
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लोगों को ऋण दिलवाने का काम भी करते थे। नौकरी लगवाने का झांसा देते थे। अधिकारियों के पास पत्र भेजकर गलत काम करने का दबाव बनाते थे। विजय मैसी ने बताया कि वह उत्तराखंड में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। इसी दौरान दौरान उसने यह तरकीब सीखी थी। पुलिस विजय मैसी के नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि एक व्यक्ति खुद को विजय मैसी इंटेलिजेंस एजेंसी का निदेशक बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। उसके बारे में गोपनीय शिकायत मिली थी। जांच में आरोप सही साबित हुए। उसे रिपोर्ट लिखकर जेल भेजा गया है।