बरेली। सेटेलाइट फ्लाईओवर के निर्माण में रोडवेज अधिकारियों के अड़ंगे से सेतु निगम के अधिकारी बेचैन हैं। शनिवार को सेतु निगम के डीपीएम वीके सेन और रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके बनर्जी के साथ खास मीटिंग हुई। डीपीएम ने यह समझाने की कोेशिश की इस फ्लाईओवर के बनने से बस अड्डा और वर्कशाप से बसों के आने-जाने में कोई दिक्कत तो नहीं होगी। वाहनों के आवागमन के लिए सिग्नल सिस्टम भी लगाया जाएगा। साथ दस मीटर सर्विस लेन से भी वाहनों का आवागमन आसानी से होता रहेगा।
फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर रोडवेज के अधिकारियों ने यह पेच फंसा दिया है कि इसकी डिजाइन सही ढंग से नहीं बनी। इससे सेटेलाइट रोडवेज और उसके पास बने वर्कशाप से हर दिन निकालने वाली सैकड़ों बसों के आने-जाने में दिक्कत होगी। इससे जाम की दिक्कत बनी रहेगी। रोडवेज के अधिकारियों ने पुल के डिजाइन में बदलाव करने की जरूरत बताते हुए यह मामला डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह तक भी पहुंचाया था। इसके बाद से ही इस पुल को लेकर रोडवेज और सेतु निगम के अफसरों के बीच रस्साकशी मची हुई है। शनिवार को सेतु निगम इकाई दो के दफ्तर में रोडवेज के क्षेत्रीय अधिकारी एसके बनर्जी और डीपीएम वीके सेन के बीच इस मामले को लेकर लंबी चर्चा हुई। डीपीएम ने यह समझाने की कोशिश की कि अगर पुल के डिजाइन में बदलाव होगा कि 12 से 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। पुल की मंजूरी हो चुकी है, इसलिए इसमें बदलाव कर पाना मुमकिन नहीं है।