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एक ही सड़क बार-बार बनाकर ठिकाने लगाया बजट

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बरेली। ग्राम पंचायत में प्रधान और सचिव ने मिलकर एक ही सड़क बार-बार बनाकर भारी भरकम बजट ठिकाने लगा दिया। जबकि पंचायत घर और शौचालय अब भी टूटा पड़ा है। प्राथमिक विद्यालय भी बदहाल है। डीपीआरओ के निरीक्षण में पोल खुली तो उन्होंने पंचायत की पत्रावली जब्त कर ली। प्रधान और सचिव पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
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क्यारा ब्लॉक की करगैना ग्राम पंचायत में कुछ दिन पहले डीपीआरओ विनय कुमार निरीक्षण करने गए थे। वहां ग्राम पंचायत के बजट में बड़े गोलमाल का मामला खुला। प्रधान और सचिव खर्च का हिसाब नहीं दे पाए। अनियमितताएं मिलने पर पंचायत की पत्रावलियां जब्त कर ली गईं। पंचायत के लिए 99 हजार की सफाई ठेली खरीदना दर्शाया गया, लेकिन सफाई कर्मियों को अब तक उसे नहीं दिया गया। पंचायत घर के लिए 10 हजार का इन्वर्टर खरीदा, लेकिन खर्च 15 हजार दिखाया। उस पर भी बिजली कनेक्शन नहीं लिया गया। पंचायत सचिव पर नौ ग्राम पंचायतों का चार्ज है, लेकिन अभिलेख किसी के पूरे नहीं मिलने पर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई। रिलिल सक्सेना के मकान से अजय सागर के घर तक सड़क बनाई गई। इफको कॉलोनी पार्क से राजेश शर्मा के मकान और राजेंद्र सिंह के मकान से राजेश शर्मा के मकान तक दो हिस्सों में बांटकर काम कराया गया, इसमें बजट का बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया। अभिलेखों में आंतरिक गलियों के निर्माण का जिक्र नहीं था। वर्ष 2017-18 में आंतरिक गलियों के निर्माण कार्य में भी गड़बड़ी मिली। किसके मकान से कहां तक निर्माण कराया, इसका भी कोई अभिलेख नहीं मिला। वर्ष 17-18 में 2 लाख 51 हजार 534 रुपये से ब्रजपाल के मकान से छोटेलाल के मकान तक सड़क बनी। अगले साल भी यही सड़क फिर से बनवाई गई।

करगैना ग्राम पंचायत में प्रधान और सचिव ने विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की हैं। जितना खर्च दिखाया गया है, उसके हिसाब से अभिलेख नहीं मिले। आधी अधूरी पत्रावली मिली हैं। सरकारी धन का दुरुपयोग करने में दोनों पर कार्रवाई की जा रही है। - विनय कुमार डीपीआरओ।
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