ज्यादातर निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी धारकों को इलाज का बिल कुछ दिया जाता है और कंपनी से भुगतान कई गुना ज्यादा ले लिया जाता है। ऐसा ही एक मामला जिला उपभोक्ता फोरम में पहुंचा। फोरम ने शिकायत का निस्तारण करते हुए अस्पताल को ज्यादा वसूली गई रकम लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही हर्जाने के तौर पर 10 हजार रुपये देने को कहा है।
विक्रमादित्यपुरी बानखाना के रहने वाले सुधीर अग्रवाल ने फोरम में अपने वकील शरद चंद्र मिश्र के जरिए शिकायत की कि उन्होंने स्टेडियम रोड स्थित केयर अस्पताल में नाक का इलाज कराया था। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनूप अग्रवाल और अस्पताल संचालक डॉ. निकुंज गोयल ने इलाज पर 18 से 20 हजार रुपये का खर्च बताया। सुधीर के पास स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी थी, लिहाजा इलाज के बाद अस्पताल ने 1.06 लाख रुपये का बिल ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी को भेज दिया और कंपनी से 63 हजार रुपये ले लिए। सुधीर को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया। तब उन्होंने फोरम में वाद दायर किया। फोरम अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह राठौर और सदस्य अनीता यादव ने आदेश दिया कि अस्पताल ने मरीज को 36.5 हजार का बिल दिया है, उतना ही भुगतान लेना चाहिए। लिहाजा अस्पताल के डॉ अनूप अग्रवाल और संचालक डॉ. निकुंज गोयल इंश्योरेंस कंपनी को ज्यादा वसूली गई धनराशि 26.5 हजार रुपये वापस करें। 10 हजार रुपये बतौर हर्जाना अदा करें।
वर्जन-
मेरे पास अभी जजमेंट की कॉपी नहीं आई है। फोरम का आदेश देखने के बाद ही इसका कानूनी जवाब दिया जाएगा। - डॉ. निकुंज गोयल, संचालक केयर हॉस्पिटल