हेडिंग--आरपीएफ ने ट्रेनों में महिलाओं को किया जागरूक
क्रासर--15 दिन में बदला-बदला दिखेगा अपना जंक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। ट्रेनों में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ ने सफर के दौरान सतर्कता के लिए जागरूकता अभियान चलाया। आरपीएफ के जवानों ने महिलाओं को ट्रेनों में खिड़की के पास बैठते समय अलर्ट रहने के टिप्स दिए। आरपीएफ इंस्पेक्टर बीएस तोमर के नेतृत्व में सियालदह एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस और पुरबिया एक्सप्रेस के महिला कोच को चेक किया गया। हालांकि उनमें कोई पुरुष यात्री नहीं मिला। इंस्पेक्टर ने विंडो के पास बैठी महिलाओं से कहा कि स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले कानों को दुपट्टे या साड़ी से ढक लें, ताकि स्नेचिंग की घटना न हो सके। मोबाइल पर बात करते समय भी सतर्कता बरतें। कोई ऐसी बात न करें, जिसे सुनकर अपराधी प्रवृत्ति के लोग फायदा उठा सकें। कोच में आरपीएफ हेल्प लाइन 182 के पंपलेट भी चिपकाए गए।
जंक्शन पर बेतरतीब खड़े नहीं दिखेंगे ऑटो
ट्रेन के आने और जाने के समय एंट्री गेट पर ऑटो के बेतरतीब ढंग से खड़े होने से यात्रियों को निकलने तक का रास्ता नहीं मिलता। कोई यात्री विरोध करता है तो सभी ऑटो वाले उससे झगड़ा करने पर आमादा हो जाते हैं। आरपीएफ ने ऐसे ऑटो चालकों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। रविवार को सात और सोमवार को बेतरतीब खड़े तीन ऑटो का चालान किया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर बीएस तोमर ने बताया कि जीआरपी बूथ को पीछे किया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बनेे। इसके साथ कार, ऑटो और रिक्शा के लिए अलग-अलग लेन बनाई जाएंगी। 15 दिन में जंक्शन का लुक बदला हुआ दिखेगा।