इस नाम का कोई मंदिर भी नहीं
सूचना पर एलआईयू और एसओजी भी अलर्ट हो गई। जांच में पता चला कि इस नाम का कोई मंदिर क्षेत्र में नहीं है। एक टीम गांव भी भेजी गई। जिस व्यक्ति के नाम पर यह नंबर रजिस्टर्ड था सबसे पहले उसे पकड़ा गया। उसने बताया कि उसने अपने नाम पर एक 12 वर्षीय बालक को सिम दिलाई है। इसके बाद टीम उस बालक के घर पहुंची।
पूछताछ में बालक ने बताया कि उसने यूट्यूब पर एक वीडियो देखी थी। वीडियो में मंदिर में बम रखा होने की धमकी दी गई थी। विस्फोट होने से पहले लोगों को हटाया जा सके इसके लिए उसने पुलिस को कॉल की थी। एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है।