बंदरों के हमले में व्यापारी की रीढ़ की हड्डी फ्रैक्चर
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बरेली। आलमगीरगंज में बंदरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को बंदरों के हमले से परिवार को बचाने के दौरान आलमगीरगंज निवासी रजत अग्रवाल बुरी तरह चोटिल हो गए। आनन-फानन में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम अधिकारियों से एक बार फिर बंदरों को पकड़ने की मांग की है।
समाज सेवा मंच के पदाधिकारी रजत अग्रवाल के घर में गुरुवार को करीब पांच बंदर घुस गए। घरवाले बंदरों को भगाने के लिए आगे बढ़े तो वे हमलावर हो गए। तभी रजत आगे बढ़े तो बंदर उन पर झपट पड़े। बचने के लिए वे पीछे हटे तो गिर पड़े। इससे उनके सिर और रीढ़ की हड्डी में काफी चोटें आईं। सनद रहे कि करीब माह भर पहले आलमगीरगंज निवासी महिला पर बंदरों ने हमला बोला था, जिससे बचने के लिए वोट छत से नीचे उतरने के दौरान सीढ़ियों पर फिसल कर चोटिल हो गई थीं। स्थानीय लोगों की माने तो बंदरों के पकड़ने की मांग नगर निगम से कई बार की गई लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि वन विभाग से बंदर पकड़ने की अनुमति मांगी गई थी लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है।