बरेली। नगर निगम में सरकार बदली तो पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के तथाकथित निजी सचिव रहे मुनीश शर्मा से जुड़ी फर्म आईवीआरआई रोड के चौड़ीकरण का काम छोड़कर भाग गई। दो साल बाद भी काम पूरा न होने पर नगर निगम ने ठेकेदार को नोटिस दिया है। संतोषजनक जवाब न देने पर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
मौजूदा मेयर उमेश गौतम और पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर में लंबे समय से विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ा हुआ है। इसी विवाद में डॉ. तोमर के तथाकथित निजी सचिव रहे मुनीश शर्मा ने मेयर उमेश गौतम को बर्खास्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। इस पर पलटवार करते हुए पिछले दिनों मेयर ने मुनीश शर्मा से जुड़ी फर्म आदित्य इंजकान के 70 लाख के कामों के भुगतान पर रोक लगा दी।
इसी बीच यह मामला सामने आया कि इसी फर्म को करीब 70 लाख की लागत से आईवीआरआई फ्लाईओवर से डेलापीर चौराहे तक चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम वर्ष 2015-16 में दिया गया था। मगर ये काम अब तक पूरा नहीं हुआ। इस पर निर्माण विभाग ने आदित्य इंजकान को नोटिस देकर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।
आदित्य इंजकान फर्म के साथ मैंने कुछ दिन काम किया था। अब मेरा इस फर्म से कोई लेना-देना नही है। -मुनीश शर्मा
वर्ष 2015-16 का काम था, अब तक पूरा नहीं किया गया है। फर्म के ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- डॉ. उमेश गौतम, मेयर