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एचआईवी पीड़ित बच्चाें को मिला कांवेंट स्कूलों में दाखिला

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बरेली।
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एचआईवी पीड़ित मां-बाप के बच्चों को एडमिशन के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत कांवेंट स्कूलों में ऐसे बच्चों के दाखिले का रास्ता साफ हो गया है। बरेली में 19 बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्द ही इन्हें दाखिला दे दिया जाएगा। ऐसे बच्चों की सूची बेसिक शिक्षा विभाग को एआरटी सेंटर ने सौंपी थी।
जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर में मंडल के 1375 एचआइवी पीड़ित पंजीकृत हैं। इनमें बरेली से 638, बदायूं से 214, पीलीभीत से 150 और शाहजहांपुर से 142 मरीज यहां आते हैं। इन सभी रोगियाें में 59 बच्चे हैं। इनकी उम्र दो से 14 साल के बीच है। अधिकतर बच्चे तो पढ़ रहे हैं, लेकिन करीब 19 बच्चाें के एडमिशन नहीं हुए हैं। इसके लिए एआरटी सेंटर ने बच्चाें की सभी प्रक्रिया पूरी करके बीएसए दफ्तर भेज दी है। प्रवेश की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो गई है।
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सेंटर के डाटा मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि बच्चों का कांवेंट स्कूल में प्रथम कक्षा में एडमिशन कराया जाना है। इसलिए ऐसे 19 बच्चाें की सूची डीएम व बीएसए तक पहुंचा दी गई है। बताया जा रहा है कि सभी के एडमिशन हो गए हैं। एआटी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. संजीव ने बताया कि आरटीई के तहत बच्चाें को मुफ्त शिक्षा दी जानी है इसमें एचआईवी मरीजों के बच्चे भी शामिल हैं। कुछ बच्चे निगेटिव हैं, जबकि कुछ को अपने माता-पिता से एचआईवी जन्म से मिला है।
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आरटीई के तहत कई तरह के वर्ग और श्रेणी के बच्चाें के नि:शुल्क एडमिशन की बात कही गई है। एचआईवी पीड़ित मां बाप के बच्चों के एडमिशन भी इसी प्रक्रिया के तहत होंगे। बच्चों के एडमिशन प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।
- चंदना राम इकबाल यादव, बीएसए
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