बरेली। नगर निगम में कार्यकारिणी की बैठक 25 मार्च को होगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1039 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट पेश किया जाएगा। महापौर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में बजट पर मुहर लगने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए बोर्ड की सामान्य बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
नगर निगम शहर के बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और सुंदरीकरण पर इस बजट को खर्च करेगा। सीवर व्यवस्था में सुधार के लिए 25 करोड़ और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। शहर को स्वच्छ और चमकदार बनाने के उद्देश्य से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 15 करोड़ और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
हरियाली और पौधरोपण के लिए भी 11 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की समापन से पहले कार्यकारिणी की बैठक निगम के काम में मील का पत्थर साबित होगी। निगम की ओर से सभी कार्यकारिणी के सदस्यों को बैठक की जानकारी भेजी गई है।
सड़कों पर खर्च होगा सबसे बड़ा हिस्सा
सबसे बड़ा हिस्सा नई सड़कें बिछाने व उनके रखरखाव के लिए रखा गया है। इस कार्य के लिए 140 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के अंतर्गत शहर की सड़कों को आधुनिक रूप देने के लिए 70 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। शहर के 80 वार्डों की सड़कों पर चालू वित्त वर्ष में करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है। इसके बाद भी सड़कें बदहाल हैं। कहीं ठेकेदार काम छोड़कर चले गए हैं तो कहीं वर्षों से सड़क खोदकर छोड़ दी गई है।
धरातल पर भी दिखे विकास
कागजों पर हम स्मार्ट हो रहे है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। शहर की ज्यादातर सड़कें टूटी पड़ी हैं। हर साल बजट बढ़ रहा है लेकिन इसका फायदा जनता तक नहीं पहुंच रहा है। - गौरव सक्सेना, पार्षद
आवास विकास वार्ड में 20 साल से कई सड़कें नहीं बनी हैं। निगम हर साल करोड़ों रुपये केवल सड़क पर ही खर्च कर रहा है। इसका लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा। टूटी सड़कों को जल्द ठीक कराना चाहिए। शशि सक्सेना, पार्षद
वर्जन : यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जो पिछले वर्ष के एक हजार करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। हमारा मुख्य उद्देश्य शहर के विकास कार्यों में तेजी लाना और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है। - डॉ. उमेश गौतम, महापौर नगर निगम