बरेली। हूती विद्रोहियों के हमलों के चलते सऊदी अरब में फंसे बरेली के 100 उमरा यात्री सुरक्षित वतन लौट आए हैं। यात्रियों के घर पहुंचते ही परिजनों की आंखें भर आईं और माहौल भावुक हो गया।
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजे तनाव के कारण कई एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं बंद कर दी थीं। सिर्फ सऊदी एयरलाइंस की सीमित उड़ानें ही संचालित हो रही थीं, जिनके टिकट काफी महंगे थे। इस वजह से बरेली के कई यात्री सऊदी अरब की विभिन्न जगहों पर फंस गए थे। एक ट्रैवल एजेंसी के एमडी हाफिज इमरान रजा बरकाती और बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खां वारसी ने बैठक कर यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग से निकालने का निर्णय लिया।
सभी यात्रियों का सऊदी से ओमान का वीजा लगवाया गया। इसके बाद उनको मदीना शरीफ से विशेष बस से सुरक्षित ओमान पहुंचाया गया। वहां से वे फ्लाइट पकड़कर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली से सभी यात्री सकुशल बरेली पहुंच गए। परिजनों ने फूल-मालाएं पहनाकर और गले लगाकर उनका इस्तकबाल किया। इस दौरान हाजी अबरार, मोहम्मद नबी, मोहम्मद चांद, मोहम्मद रिजवान और मोहम्मद इरशाद समेत अन्य रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली।
सुरक्षित लौटे अरीबा, बबली, इकरामन, मोहम्मद ईशान, मोहम्मद ज़की, मोहम्मद अरसलान, आरफा खान, दौलत निशा, मोहम्मद अरमान, मोहम्मद इरफान शेख, आदि यात्रियों ने खुशी जाहिर की।