बाराबंकी। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम ने बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल, एआरटीओ और उप निबंधक कार्यालयों पर दलालों की धरपकड़ के लिए छापा मारा। सीडीओ, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई से तीनों कार्यालयों में हड़कंप रहा। जांच टीम को एआरटीओ कार्यालय पर दलालों का जमावड़ा मिला। यहां से 11 लोगों को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया गया। जिला अस्पताल में भी मरीजों को निजी अस्पताल भेजने की कोशिश में जुटे दो दलाल गिरफ्त में आए।
कार्रवाई के दौरान सीडीओ अ. सुदन ने जिला अस्पताल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर आर जगत सांई ने एआरटीओ व एसडीएम की टीमों ने उप निबंधक कार्यालयों की जांच की। पुलिस के हवाले किए गए दलालों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
जिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे सीडीओ अ.सुदन को दलाल मरीजों को बहला फुसलाकर सेटिंग वाले अस्पतालों में भर्ती कराने की कोशिश करते दिखे। डीएम के निर्देश पर जांच के लिए सीडीओ बृहस्पतिवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एक व्यक्ति को पकड़ा जिसने बताया कि वह निजी अस्पताल के लिए कार्य करता है। छापे की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में घूम रहे कई दलाल खिसक लिए। सीडीओ ने बताया कि जांच में पकड़े गए दोनों दलालों से पुलिस पूछतांछ कर रही है। चर्चा है कि सख्ती से पूछतांछ होने पर अस्पताल की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक कर्मचारियों व डॉक्टरों की साठगांठ से चल रहे दलाली के खेल का खुलासा हो सकेगा।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आर जगत साई व सीओ जगत कनौजिया कोतवाल की अगुवाई में एआरटीओ कार्यालय पहुंची टीम को देखते ही हड़कंप मच गया। टीम के साथ मौजूद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार्यालय परिसर में मौजूद 11 दलालों को दबोच लिया। इस दौरान कार्यालय के बाहर बंद हुए निजी दुकानों के शटर खुलवाकर भी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने वहां मौजूद अभिलेखों को खंगाला। जांच में सभी पटल पर मुख्य कर्मियों की जगह सिर्फ सहायक ही काम करते मिले।
छापेमारी के दौरान तीन दुकानों पर ब्लड जांच करने के उपकरण और होम्योपैथ चिकित्सकों के लेटर पैड, स्कैनर, प्रिंटर भी मिले हैं। इसके माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जरूरी ब्लड ग्रुप व स्वास्थ्य प्रमाण पत्र को फर्जी तरह से बनाने का काम भी दलाल करते थे। जांच के दौरान तीन संचालकों द्वारा संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) मिले। यहां पर लाइसेंस, वाहनों का फिटनेस, वाहन बीमा, आर-आर कराने वालों का रिकार्ड मिला। पूछताछ में पता चला कि यहां पर भी सुविधा शुल्क लेकर कार्य कराया जाता है। एसडीएम ने तीनों के लाइसेंस रद्द करने का निर्देश भी दिया है।