बाराबंकी। जिले में साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से 114 हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। शासन ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। विभाग ने भूमि का चयन भी कर लिया है और भवन निर्माण कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बताते चले कि मौजूदा समय में जिले में 189 हेल्थ वेलनेस सेंटर संचालित हो रहे हैं। यहां पर आने वाले मरीजों को सरकारी अस्पतालों की तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में जिले में 114 हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाने का कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। इन सेंटरों के निर्माण पर करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। ये सेेंटर जहां पर उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे हैं। उसी के आसपास बनाए जाने हैं।
इसको लेकर भूमि का चयन कर लिया गया है। इन सेंटरों के बन जाने से यहां पर आने वाले मरीजों को अस्पतालों जैसी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा। यहां पर मरीजों को जांच से लेकर दवाएं तक मुफ्त दी जाएंगी। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर एक कम्यूनिटी हेल्थ अफसर (सीएचओ) की तैनाती की जाएगी।
इसकी योग्यता बीएससी नर्सिंग की होगी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी माह से इन सेंटरों के निर्माण का कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा। इस बाबत एसीएमओ प्रशासन डॉ. केएनएम त्रिपाठी ने बताया कि जिले में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से 114 हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाने हैं। शासन स्तर से इसकी मंजूरी मिल गई। विभाग ने भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
मातृ शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी
जिले में हेल्थ वेलनेस सेंटर बन जाने के बाद इसका सबसे ज्यादा लाभ प्रसव पीड़िताओं को मिलेगा। इसके साथ ही हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली प्रसव पीड़िताओं पर भी बराबर नजर रखी जा सकेगी। इसके चलते मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा इन सेंटरों के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ भी पात्रों को मिल सकेगा।