बाराबंकी। मानसून आने से पहले प्रचंड धूप व गर्मी के कहर से जनजीवन बेहाल होकर रह गया है। सूर्यास्त के बाद भी हवा में गर्मी महसूस हो रही है। पशु-पक्षी भी गर्मी से व्याकुल है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान जहां 43 डिग्री रिकार्ड किया गया वहीं न्यूनतम तापमान भी 33 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, गर्मी अभी तीन दिन और सताएगी। 17 जून के बाद मौसम में बदलाव की अनुमान है। फुहारें पड़ सकती हैं।
बीते तीन चार दिनों से जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार चल रहा है। इस सीजन में अब तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम के तीखे तेवर का हाल यह है कि दिन में तो प्रचंड धूप लोगों को झुलसा रही है वहीं सूूर्यास्त के बाद भी हवाओं में गर्माहट महसूस की जा रही है। धूप इतनी तेज है कि शहर में जहां भी पेड़ की छांव दिखी वहां राहगीर रुककर सुस्ताते रहे। शहर में सड़कों पर पूरे दिन सन्नाटा छाया रहा मगर छाया चौराहा, आनंद भवन स्कूल, लखपेड़ाबाग, मौहारी का पुरवा मकदूमपुर में पेड़ों के नीचे चहलपहल दिखी।
बस स्टेशन पर गर्मी को लेकर सबसे अधिक परेशानी देखने को मिली। बसों की कमी होने व बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने से लोग चिलचिलाती धूप में ही खड़े नजर आए। इस समय जेठ माह का मृगशिरा नक्षत्र चल रहा है। कई किसानों ने बताया कि मान्यता है कि यह नक्षत्र जितना तपता है, बरसात उतनी ही अच्छी होती है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी 16 जून तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। 17 जून को पड़ोस के जिले लखनऊ में मानसून की फुहारें पड़ने की बात मौसम विभाग ने कही है। लखनऊ के साथ जिले में भी 17 जून को मौसम बदलने की संभावना है।
हीट स्ट्रोक से यूं करें बचाव
जब शरीर बढ़ते हुए तापमान को कंट्रोल नहीं कर पाता है तो हीट स्ट्रोक होता है। इसकी चपेट में आने के बाद शरीर का तापमान बढ़ जाता है। सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा के अनुसार, सिरदर्द, तेज बुखार, मानसिक हालात खराब होना, मतली होना, धड़कन बढ़ जाना आदि इसके लक्षण है। जिसे भी लू लगती है या हीट स्ट्रोक होता है उसे ठंडे स्थान पर बैठाए। ठंडे पानी में भिगोये तौलिया को सिर, गर्दन, बगल व कमर पर रखें। पर्याप्त पानी पिलाएं। ओआरएस का प्रयोग करें। हालात ज्यादा गंभीर हो तो तत्काल अस्पताल ले जायें।