बाराबंकी। जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर घर नल योजना को लेकर काम शुरू हो गया है। पहले चरण में 157 गांवों में पेयजल परियोजनाएं पूूरी की जाएंगी। इन पर 320 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस कार्य की जिम्मेदारी गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड (रेमिकी) को दी गई है। इन परियोजनाओं को इसी साल अक्टूबर माह तक पूरा करने की समय सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। मिशन के तहत परियोजनाएं पूरी होने के बाद ग्रामीणों को कनेक्शन दिए जाएंगे।
जल जीवन मिशन ग्रामीण के तहत जिले के 1850 गांवों में मार्च 2024 तक घर-घर पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। इसे लेकर पिछले एक साल से सर्वे का काम चल रहा था। इसके तहत पहले चरण में 157 गांवों में पेयजल परियोजनाएं पूरी कर कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है।
इन परियोजनाओं में गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराने के साथ पूरे गांव में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। गांव की आबादी या सीमा का विस्तार होने की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। इन 157 गांवों में पेयजल परियोजनाएं पूरा करने के लिए इसी साल अक्टूबर महीने तक कार्य पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। अर्थात अब केवल सात माह का समय ही शेष है।
पेयजल परियोजनाओं के निर्माण की जिम्मेदारी निजी फर्म गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड (रेमिकी) को दी गई है। सभी गांवों में पेयजल परियोजनाएं पूरा करने से लेकर कनेक्शन देने में 320 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लागत बढ़ भी सकती है। वर्तमान में जिले के कुछ गांवों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
इनमें देवा ब्लॉक के रसूलपुर किदवईनगर, बंकी के बहादुरपुर, मसौली के शाहपुर, निंदूूूरा के दरावां, दरियाबाद के जेठौती कुर्मियान, हैदरगढ़ के कनवा गांव में बोरिंग का काम प्रारम्भ हो चुका है। बाकी गांवों में इसे लेकर कवायद तेजी से जारी है। जल निगम के जेई प्रदीप कुमार मिश्र बताते हैं कि केवल सात माह का समय ही बचा है। ऐसे में कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के निर्देश दिए गए हैं।
10 साल तक देखरेख की जिम्मेदारी फर्म पर
पेयजल परियोजनाओं का निर्माण पूरा करने के बाद ग्रामीणों को निशुल्क कनेक्शन दिए जाएंगे। जल निगम के सहायक अभियंता एके राव ने बताया कि कनेक्शन देने के बाद प्रति कनेक्शन 50 रुपये प्रति माह वसूले जाएंगे। सहायक अभियंता ने बताया कि पेयजल परियोजनाओं को ग्राम पंचायतों को हैंडओवर करने के बाद भी 10 साल तक उनकी देखरेख की जिम्मेदारी परियोजनाओं का निर्माण कराने वाली फर्म की ही होगी। अनुबंध में इसका विशेष तौर पर उल्लेख किया गया है।
157 राजस्व गांवों में पेयजल परियोजनाओं पर 320 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन गांवों में अक्टूबर 2022 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। कई गांवों में काम शुरू हो चुका है। मार्च 2024 तक जिले के प्रत्येक राजस्व गांव के प्रत्येक घर में पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य है।
-संजय गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम