बाराबंकी। मानसून की मेहरबानी लगातार जारी है। जिले में बृहस्पतिवार को रुक-रुक कर अलग-अलग समय में बरसात हुई। बरसात के कारण शहर व कस्बों के कई मोहल्ले मानो टापू बन गए। मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण ऐसा हुआ। कीचड़ के कारण भी परेशानी हुई। बरसात के कारण जिले का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
पिछले तीन दिनों से जिले में मानसून मेहरबान है। रुक-रुक कर बरसात हो रही है। बृहस्पतिवार भोर करीब 5 बजे से एक बार फिर बरसात शुरू हो गई। बरसात होने से स्कूल जाने वाले बच्चों के अलावा ड्यूटी व अन्य जगहों के लिए बाहर निकलने वाले लोग भीग भी गए। इस दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे तक रुक-रुक कर बरसात होती रही।
बरसात के कारण शहर के लखपेड़ाबाग, लक्ष्मणपुरी, दशहराबाग, पीरबटावन, रसूलपुर, विजयनगर, मकदूमपुर, नबीगंज मोहल्लों में मुख्य सड़कों पर पानी भरा रहा। देवा रोड स्थित बस अड्डे परिसर में भी जलभराव के कारण यात्री व बस चालकों को परेशानी हुई। पुलिस लाइन मैदान, जीआईसी मैदान, केडी सिंह बाबू स्टेडियम में भी पानी भरा है। बृहस्पतिवार को खेल गतिविधियां भी ठप रहीं।
बरसात के दौरान छाया चौराहा, पैसार, नाका सतरिख की सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गई थीं। नालियों का पानी बहकर सड़क पर आ गया। जिले के हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर, रामनगर इलाकों में भी जलभराव व कीचड़ की समस्या पैदा हो गई है। स्थानीय नागरिक इसके लिए नगर पालिका व नगर पंचायत को जिम्मेदार बता रहे हैं। क्योंकि जलनिकासी की सुविधा को लेकर पहले से कोई ध्यान नहीं दिया गया। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी बदली बरसात का माहौल रहेगा। तापमान जरूर एक या 2 डिग्री बढ़ सकता है।
खेतों की मेड़बंदी शुरू, होने लगी धान की रोपाई
पिछले दो-तीन दिनों से बरसात होने से खेती किसानी का काम तेज हो गया है। झमाझम बारिश होते ही किसान खेतों की ओर निकल पड़े। कोई खेत की मेड़बंदी करने लगा है तो कोई तैयार हो रही धान की पौध (बेरन) को सहेजने में लग गया। जिनके पास ट्यूबवेल का इंतजाम है उन्होंने धान की पौध पहले तैयार कर ली है।
वैसे दूसरे किसानों को बारिश का इंतजार था। बुजुर्ग हो चुके किसानों के अनुसार, कई साल बाद आषाढ़ में ऐसी झमाझम बारिश देखने को मिली है। इससे धान के बेरन को तो फायदा होगा ही रोपाई भी शुरू हो जाएगी। हरख क्षेत्र में कई जगह पर धान की रोपाई शुरू हो गई।
नालियों में कूड़ा तो दुकानों में भरा पानी
अनियमित विकास ने जलभराव की बड़ी समस्या को सामने लाकर खड़ा कर दिया है। बृहस्पतिवार को बरसात के दौरान जिले के कई कस्बों में दुकानों में पानी भर गया। कस्बा कोठी में नालियों में कूड़ा भरा है। बरसात के दौरान हैदरगढ़ बाराबंकी मार्ग के किनारे की दुकानों में पानी भर गया।
कस्बा सतरिख व कस्बा सिद्धौर में भी मुख्य सड़क के किनारे दुकानों के अंदर पानी घुसा तो दुकानदार परेशान रहे। नगर पंचायतों में नालियों में कूड़ा भरा है और नाले अवैध कब्जे का शिकार हैं। ऊंची-नीची बनीं सड़कें और अनियमित ढंग से बनाए गए नाले भी इस परेशानी की मुख्य वजह है।
बरसात से खेती को बहुत फायदा मिला है। जिले में किसान मेंथा की मढ़ाई भी करीब-करीब कर चुके हैं। ऐसे में बरसात से सभी किसानों का फायदा है।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक
300 से अधिक विद्यालयों में भरा पानी
बरसात के कारण जिले में 300 से अधिक परिषदीय विद्यालयों के परिसर में पानी भर गया है। 100 से अधिक निजी स्कूल हैं जहां पानी भरा हुआ है। शहर में केंद्रीय विद्यालय जाने वाली रोड पर भी पानी भरा रहा। बरसात ने शिक्षण कार्य में व्यवधान डाला।
जिले के 15 ब्लॉकों में स्थित 2636 परिषदीय विद्यालयों में से करीब 300 विद्यालयों परिसर लबालब हैं। वहीं शहर के पीरबटावन स्थित परिषदीय विद्यालय समेत कटरा मोहल्ला स्थित राज राजेश्वरी पाठशाला में पानी भरने से शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ है।