सूरतगंज कस्बे में स्थित बैंक ऑफ इंडिया के कैशियर को एक खातेदार से अभद्रता करना महंगा पड़ गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने बैंक के अंदर मौजूद कर्मियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और गेट के बाहर प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते करीब एक हजार लोग एकत्र हो गए।
बैंक कर्मियों के बंधक बनाने और हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रही। हंगामा बढ़ता देख आननफानन एसडीएम रामनगर और तीन थानों की फोर्स मोके पर पहुंची और कैशियर के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। इस बीच चार घंटे तक कस्बा छावनी में तब्दील रहा।
कस्बा सूरतगंज में बैक आफ ॅ इण्डिया की शाखा है। शनिवार को कस्बा निवासी मो. शफ ीक पुत्र रफ ीक चौधरी लेनदेने करने बैंक गया हुआ था। उनका आरोप है कि कैशियर गौतम कुमार केसरी को चेक देकर रुपये निकालने को कहा।
कैशियर ने उसे लाइन में लगने के लिए कहा लेकिन किसी कारण वश जल्दी होने के कारण उसने कैशियर से आग्रह किया कि रुपये दे दिए जाएं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने के साथ मारपीट की नौबत आ गई। शफीक का आरोप है कि कैशियर ने उससे अभद्रता करते हुए बैंक से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। इस बात की सूचना शफ ीक ने अपने परिवारीजनों व कस्बावासियों को दी।
मामले की जानकारी कस्बा वासियों को हुई तो सैकड़ों की संख्या में बैंक पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया। हालत बिगड़ते देख बैंक कर्मियों ने बैंक के मेन गेट पर अंदर से ताला जड़ दिया। और मामले की सूचना उपजिलाधिकारी रामनगर आशुतोष दूबे को दी। एसडीएम ने पुलिस को मौके पर भेजा लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद रामनगर, फतेहपुर व मोहम्मदपुर खाला थाने की फोर्स को मौके पर भेजा गया। सूचना पर एसडीएम रामनगर आशुतोष दुबे सीओ दिनेश सिंह, मोहम्मदपुर खाला थानाध्यक्ष रिजवान अब्बास, फ तेहपुर के कार्यवाहक कोतवाल अजीत सिंह, चौकी इंचार्ज संतोष सिंह भी मौके पर पहुंचे।
आक्रोशित ग्रामीणों को एसडीएम ने काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। एसडीएम ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी देखा। फिर एसडीएम ने ग्रामीणों से वार्ता की और आश्वासन दिया कि आरोपी कैशियर के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर स्थानांतरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। करीब चार घंटे चले इस प्रदर्शन में बैक के अंदर भी भारी संख्या में खातेदार कैद रहे। आक्रोशित ग्रामीणों को देख पुलिस कर्मियों ने किसी तरह से बैंक कर्मचारियों को बैंक से निकाल कर सुरक्षित रवाना किया।
काफी विवादित रहा है कैशियर
इससे पहले भी इस कैशियर पर कई उपभोक्ताओं के साथ अभद्रता करने का आरोप है। बैंक के खातेदार राकेश कुमार निवासी कोढरी, राम बहादुर सिंह राम मण्डई, जीतेन्द्र कुमार, नूरूल हसन, रफ ीक, अंसार सूरतगंज, प्रेमा देवी कूडिलवा, राकेश कुमार बिकपुरवा आदि से भी अभद्रता कर चुका है।
छावनी में तबदील हुआ कस्बा सूरतगंज
बैंक के कैशियर द्वारा उपभोक्ता से अभद्रता करने पर करीब एक हजार की संख्या में कस्बावासियों ने बैंक का घेराव का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रशासन को जानकारी होने पर रामनगर, फतेहपुर व मोहम्मदपुर खाला थानों से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और हालत पर काबू पाया। बैंक के अंदर डरे सहमे कर्मचारियों को सुरक्षा पूर्वक बाहर निकाल कर भेजा गया। इस बीच पूरा कस्बा छावनी में तब्दील हो गया।
मामले की सूचना मिलते ही मौके पर तीन थानों की पुलिस को तैनात कर हंगामे पर कंट्रोल कर बैंक कर्मचारियों को सुरक्षित निकालकर भेज दिया है। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -आशुतोष दूबे, उपजिलाधिकारी रामनगर
सूरतगंज कस्बे में बैंक कैशियर व उपभोक्ता के बीच विवाद होने की सूचना मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। किसी भी बैंक में उपभोक्ताओं के साथ कोई अभद्रता न होने पाए इसके लिए ठोस इंतजाम किए जाएंगे। जांच के बाद बैंक कैशियर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अशोक कुमार मिश्रा, एलडीएम