पूरे देश में संचालित हो रही करीब 20 नेशनल बैंकों को मात्र छह बैंकों में विलय कराने व यूनियन के कर्मचारियों द्वारा एनपीए की वसूली के साथ बड़े डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक करने व श्रमिक सुधार कानून के विरोध को लेकर कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर थे।
देशव्यापी एक दिवसीय यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम आफ बैंक फेडरेशन के आह्वान पर की गई। जिसमें जिले भर के समस्त निजी व सरकारी बैंक में तालाबंदी कर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। एक दिवसीय इस हड़ताल के चलते जहां लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक फेडरेशन के आह्वान पर जिले भर की सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारियों ने तालाबंदी कर हड़ताल की। गौरतलब है पूरे देश में करीब 20 नेशनलाइज बैंकें संचालित हो रही हैं।
जिनको स्टेट बैंक आफॅ इंडिया, बैंक आफॅ इंडिया, यूनियन बैंक आफॅ इंडिया, बैंक आफॅ इंडिया, केनरा बैंक व पंजाब नेशनल बैंक में विलय कराकर मात्र यही छह बैंकों के नाम से संचालित किए जाने व कर्मचारियों द्वारा एनपीए की वसूली के साथ बड़े डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक करने व श्रमिक सुधार कानून के विरोध को लेकर कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल की गई।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक फेडरेशन के जिला संयोजक आरबी सिंह ने साथी कर्मचारियों के साथ स्टेट बैंक के बाहर धरना दिया गया। जिले में संचालित हो रही 234 बैंकों में ताला लटकने से 30 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार जुलाई माह का पांचवां शनिवार होने के नाते आज बैंक खुलेगी। उपभोक्ता बैंक से संबंधित सभी प्रकार का लेनदेन व अन्य कार्य निपटा सकते हैं।
20 नेशनलाइज बैंकों को 6 बैंकों में मर्ज करने व यूनियन के कर्मचारियों द्वारा एनपीए की वसूली के साथ बड़े डिफाल्टरों के नाम सार्वजनिक करने व श्रमिक सुधार कानून के विरोध को लेकर कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर थे। शनिवार को सभी बैंकें खुली रहेगीं। उपभोक्ता अपने समस्त कार्य निपटा सकते हैं। पूरे दिन बैंक हड़ताल होने से करीब 30 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। -अशोक कुमार मिश्रा, एलडीएम