बाराबंकी। पंचायत चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद किसी भी प्रत्याशी द्वारा विजय जुलूस न निकाले जाने की बात डीएम डॉ. आदर्श सिंह व एसपी यमुना प्रसाद द्वारा कही गई थी। लेकिन इस पर जिले में किसी जगह पर अमल नहीं किया गया। मतगणना से लेकर चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशियों के साथ जुटी भीड़ ने जहां कोविड प्रोटोकॉल का खूब मजाक उड़ाया वहीं चुनाव जीतने के बाद गांवों में विजय जुलूस भी निकाला गया। ऐसे में गांवों में कोरोना संक्रमण बढ़ने का भी खतरा जताया जा रहा है।
रविवार से शुरू हुई पंचायत चुनाव की मतगणना सोमवार को भी चलती रही। चुनाव में प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य के पद पर जिन प्रत्याशियों की जीत हुई उनके व उनके समर्थकों के चेहरे खिल उठे और जो हार गए उस खेमे में मायूसी देखी गई। जिले में ज्यादातर गांवों के प्रत्याशी प्रधान बनने के बाद जब अपने-अपने गांव पहुंचे तो उनके समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला।
इस दौरान सभी विजेताओं के साथ में भीड़ का हुजूम देखा गया। जबकि इस समय फैल रहे कोरोना से बचाव के लिए मतगणना के दौरान भीड़ न एकत्र करने के निर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन इसके बावजूद चुनाव लड़ने वाले किसी भी प्रत्याशी ने कोविड से बचाव के लिए किसी भी नियम के पालन करने को जरूरी नहीं समझा।
इस दौरान भले ही समस्त जगहों पर पुलिस की तैनाती रही हो लेकिन पुलिस कर्मियों ने किसी भी प्रत्याशी व उनके समर्थकों को भीड़ जुटाने से रोकने की हिदायत नहीं दी। हालत यह है कि जिस तरह से लोगों की भीड़ जुटी है उससे आने वाले समय में तमाम जगहों पर कोरोना संक्रमण बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।