बाराबंकी। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा तेजी के साथ बढ़ रहा है। परंतु लापरवाही का आलम ये है कि जिले की चार लाख आबादी को अभी तक कोविड टीके की पहली डोज नहीं लगाई जा सकी है। लेकिन इसके प्रति न तो वह लोग गंभीर जिन्हें टीका नहीं लगा और न ही जिम्मेदार। ऐसे में लोगों को कोविड के नए वैरिएंट से बचाना स्वास्थ्य विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
जिले में 22 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसकी अंतिम तिथि 30 नवंबर निर्धारित की गई थी। शासन द्वारा निर्धारित डेडलाइन बीत जाने के बाद अभी तक महज 18 लाख लोगों को ही टीका लगाया जा सका है। इनमें से आठ लाख लोगों को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी है। चार लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें अभी तक पहला टीका नहीं लगाया जा सका है।
विभागीय लापरवाही का आलम ये हैं कि ऐसे लोगों को टीका लगाने को लेकर केंद्रों पर तैनात कर्मचारी गंभीर नहीं हैं और न ही वह लोग कोई रुचि दिखा रहे हैं जिन्हें टीका लगाया जाना है। ऐसे लोगों को कोविड के नए वैरिएंट से बचाना विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। जबकि कोविड का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन महाराष्ट्र और दिल्ली तक पहुंच चुका है।
शासन स्तर से ओमिक्रॉन को लेकर अलर्ट जारी किया जा चुका है। शासन से मिले निर्देशों के बाद इसको लेकर विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी और बाहर से आने वालों पर नजर रखने के लिए रेलवे और बस स्टेशन पर जांच टीमें भी लगाई हैं। इसके बाद भी गैरप्रांतों से लोगों के आने का क्रम जारी है। लेकिन जिनको ऐसे लोगों पर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से नहीं कर रहे हैं जिससे कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
70 केंद्रों पर ठप रहा टीकाकरण का कार्य
संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण सोमवार को जिले के 70 केंद्रों पर टीकाकरण का कार्य पूरी तरह से ठप रहा है। इन केंद्रों पर किसी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था न किए जाने के कारण यहां पर टीका लगवाने के लिए आए लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। विभाग का कहना है कि सोमवार को महज 79 केंद्रों पर ही टीकाकरण का कार्य हो सका।
शाम 6 बजे के बाद नहीं मिलते कर्मी
जिला पुरुष और महिला अस्पताल में बने टीकाकरण केंद्रों पर रात 10 बजे तक लोगों को टीका लगाए जाने का आदेश हैं। आरोप है कि शाम 6 बजते ही इन केंद्रों पर सन्नाटा छा जाता है और यहां पर तैनात कर्मचारी गायब हो जाते हैं। यदि कोई टीका लगवाने के लिए आता भी है तो कर्मचारियों के न मिलने के कारण निराश होकर लौट जाता है।
दूसरी डोज न लेने वाले कर्मियों पर शिकंजा
जिले में सरकारी विभाग के तमाम ऐसे कर्मचारी हैं जिनके द्वारा अभी तक कोविड टीका नहीं लगवाया गया है। उन पर शिकंजा कसा जा रहा है। सोमवार को परियोजना निदेशक भोलानाथ कनौजिया ने सभी विभागों से यह जानकारी मांगी है कि कितने कर्मियों को कोविड की दूसरी डोज नहीं लगी है।
इसमें 15 विभागों के करीब 24 कर्मचारी ऐसे मिले हैं जिन्होंने दूसरी डोज नहीं ली है। इसके अलावा अन्य विभागों से भी यह जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके बाद इन कर्मियों के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई हो सकती है।
कोरोना से बचाव का सबसे सुरक्षित और आसान तरीका टीकाकरण ही है। इसलिए टीका अवश्य लगवाएं। जिन लोगों ने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लगवाया है उनसे अपील की जाती है कि वह निकट के केंद्र पर पहुंच टीका अवश्य लगवा लें। इसके साथ ही शासन द्वारा कोरोना को लेकर जारी निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें और बहुत जरूरी हो तभी अपने घरों से बाहर निकलें। भीड़भाड़ से बचें और समय-समय पर साबुन और सैनिटाइजर से हाथ जरूर धोएं।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ