बाराबंकी। शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 10 वर्षों से उर्दू प्रवक्ता के पद पर तैनात जीनत जबीं का दसवीं का अंक पत्र फर्जी मिला। डीआईओएस ने वेतन रोका तो शिक्षिका ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद एक साल तक चली सुनवाई के बाद मंगलवार को शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी गई। अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) का आदेश मिलने के बाद डीआईओएस ने शिक्षिका पर कूटरचित दस्तावेज के सहारे नौकरी करने के आरोप में केस दर्ज कराने के आदेश जीजीआईसी की प्रधानाचार्या को दिए। जिस पर उन्होंने नगर कोतवाली में तहरीर दी है।
फर्जी शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों की बढ़ती संख्या देख शासन ने जुलाई 2020 में एक आदेश जारी कर सभी राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक व शिक्षिकाओं के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कराया। इस दौरान शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में उर्दू प्रवक्ता के पद तैनात जीनत जबीं के 10वीं के प्रमाण-पत्र पर संदेह हुआ।
इस पर शिक्षिका के वर्ष 1999-20 के 10वीं उत्तीर्ण होने के अंक पत्र को सत्यापन के लिए जामिया अल बनत अल सहीलत जरवल रोड तुलसीपुर बलरामपुर भेजा गया। जहां पर विद्यालय की ओर से अवगत कराया गया कि छात्रा जीनत जबीं ने कक्षा नौ सालसा तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके कॉलेज को अल्पसंख्यक बोर्ड से 2010 में मान्यता मिली है।
ऐसे में वर्ष 1999-20 में कक्षा 10 उत्तीर्ण होने का कोई सवाल ही नहीं है। यह अंकपत्र कूटरचित ढंग से तैयार किया गया है। इस पर डीआईओएस ने 30 सितंबर 2020 को प्रवक्ता का वेतन रोक दिया। जिस पर प्रवक्ता ने उच्च न्यायालय पहुंचकर वेतन की मांग को लेकर गुहार लगाई।
न्यायालय ने विभागीय अधिकारियों को मामले के निस्तारण का आदेश दिया। मंडल व प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के यहां सुनवाई के बाद सभी पक्षों को सुना गया। इसमें शिक्षिका का 10वीं का अंक पत्र फर्जी होना पाया गया। मंगलवार को अपर शिक्षा निदेशक डॉ. अंजना गोयल ने प्रवक्ता जीनत जबीं को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। जिस पर डीआईओएस के आदेश पर जीजीआईसी की प्रधानाचार्या ने आरोपी शिक्षिका पर केस दर्ज करने की तहरीर नगर कोतवाली में दी है।
10 साल से उर्दू प्रवक्ता के पद पर तैनात जीनत जबीं का 10वीं का अंकपत्र सत्यापन में फर्जी मिला था। इसके बाद वेतन रोकने के साथ विभाग को अवगत कराया। मगर, शिक्षिका न्यायालय पहुंच गई। एक वर्ष तक चली सुनवाई के बाद शिक्षिका की सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं नगर कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया जा रहा है। वेतन की रिकवरी भी की जाएगी।
-राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस